खाद्य सामग्री तैयार करने वाले ज्यादातर कारोबारी गाय छाप रंग या अन्य अखाद्य रंगों का इस्तेमाल करते हैं।

सीजी न्यूज रिपोर्टर 

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कारोबारियों से होटल, चाट व अन्य खाद्य पदार्थों के ठेले में अखाद्य रंगों का उपयोग न करने की अपील की है। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे रंग वाले खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल के पहले उसमें मिले रंग के बारे में जानकारी प्राप्त कर लें। अखाद्य रंगों के प्रयोग की जानकारी मिलने पर हेल्पलाइन नंबर 9340597097 पर शिकायत करें। शिकायतों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने लोगों को सावधान किया है कि खाद्य कारोबारी खाद्य पदार्थों में अखाद्य रंगों का उपयोग कर रहे हैं।  अखाद्य रंग के पैकेट या डिब्बे में स्पष्ट लिखा होता है कि यह रंग खाद्य पदार्थ के लिए नहीं है। इन अखाद्य रंगों का इस्तेमाल ज्यादातर चाट के ठेलों, जलेबी दुकान, होटलों में किया जाता है। मिठाई, लड्डू आदि में चांदी वर्क की जगह एल्यूमिनियम वर्क का उपयोग हो रहा है। अखाद्य रंगों की मिलावट से आंतों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचता है जो बाद में कैंसर का कारण बनता है।

खाद्य पदार्थों में अखाद्य रंग के उपयोग पर आजन्म कारावास और 10 लाख रूपए जुर्माना की सजा हो सकती है। खाद्य कारोबारी ज्यादातर गाय छाप रंग का प्रयोग करते है। यह अखाद्य रंग है जो औद्योगिक उपयोग के लिए है। बाजार में यह जलेबी और लड्डू रंग के नाम से बेचा जाता है। इसका उपयोग खाद्य पदार्थों में नहीं किया जा सकता। खाद्य कारोबारियों को खाद्य रंग का इस्तेमाल भी न्यूनतम मात्रा में ही करना चाहिए।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आगाह किया है कि खाद्य वस्तुओं में मिलावट के कारण बहुत गंभीर बीमारियां तेजी से बढ़ रही है। वर्तमान में अखाद्य रंग और एल्यूमिनियम वर्क का इस्तेमाल खाद्य पदार्थों में अधिक हो रहा है जो कि कैंसर तथा अन्य बीमारियों का मुख्य कारण है।