राज्य शासन के कृषि विभाग ने चिकन सहित सभी पोल्ट्री उत्पादों को कोरोना वायरस से पूरी तरह सुरक्षित बताया है। कृषि विभाग के सचिव धनंजय देवांगन ने सर्वसाधारण से अपील की है कि इस प्रकार की अफवाह या प्रचारित संदेश पर विश्वास न करें। उपभोक्ता ऐसे संदेश पर ध्यान न देते हुए चिकन व अंडे के उपयोग को लेकर संदेह न रखें। डब्ल्यूएचओ द्वारा की गई अनुशंसा के अनुसार साफ सुथरे और स्वच्छ वातावरण में पके चिकन व अंडे खाने से कोई खतरा नहीं है।

वर्तमान में चीन और कुछ अन्य देशों में नोवल कोरोना वायरस से लोग प्रभावित हुए हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। पोल्ट्री के माध्यम से कोरोना वायरस फैलने संबंधी अफवाह और गलत संदेश सोशल मीडिया में प्रसारित हो रहे हैं। जबकि इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है और पोल्ट्री में कोरोना वायरस की अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। भारत सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि पोल्ट्री के माध्यम से कोरोना वायरस विश्व मे कहीं भी नहीं फैला है।

कृषि विभाग के बयान में कहा गया है कि पोल्ट्री के माध्यम से लोगों को प्रोटीन युक्त भोजन प्राप्त होता है। बड़ी संख्या में कुपोषित बच्चों और  महिलाओं को पोषण की सुनिश्चितता अंडे व चिकन से होती है। पोल्ट्री उत्पाद का कोरोना वायरस से कोई संबंध नहीं है। इसलिए उपभोक्ता निश्चिंत होकर चिकन, चिकन उत्पाद व अंडे का सेवन कर सकते हैं।

इससे पहले भारत सरकार के पशुपालन आयुक्त प्रवीण मलिक भी कह चुके हैं कि मुर्गी में कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं पाया गया है। केंद्रीय पशुपालन मंत्रालय ने भी चिकन को सुरक्षित माना है। कोरोना वायरस की किसी भी रिपोर्ट में चिकन को कारण नहीं बताया गया है।केंद्र सरकार के पशुपालन आयुक्त के पत्र में कहा गया है कि किसी भी रिपोर्ट में कोरोना के संक्रमण के लिए मुर्गीपालन जिम्मेदार नहीं है। वैश्विक रूप से किसी भी रिपोर्ट में अब तक पोल्ट्री में कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं पाया गया है। ऐसे में पोल्ट्री या इसके उत्पादों को कोरोना वायरस से सुरक्षित माना गया है।