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चुनाव के लिए 10 दिनों का समय शेष, निर्दलीय प्रत्याशियों ने कई वार्डों में कांग्रेस-भाजपा के वोटों का अंक गणित बिगाड़ा

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सीजी न्यूज रिपोर्टर

दुर्ग। मतदान के लिए अब सिर्फ 10 दिनों का समय बचा है।  इन्हीं 10 दिनों में प्रत्याशियों के चुनाव अभियान और रणनीति से उनके राजनीतिक भाग्य का फैसला होगा। प्रत्याशियों ने अब दमखम लगाने का काम तेज कर दिया है। वार्ड की गलियों में जनसंपर्क के साथ ही प्रत्याशियों के बीच फ्लैक्स-पोस्टर वार शुरू हो चुका है। मतदाताओं को लुभाने गिफ्ट पैक से लेकर चेपटी, चिकन पार्टी की तैयारियां भी चल रही हैं। वोट बटोरने का असली खेल आखिरी के 5 दिनों में खेला जाएगा। प्रत्याशी फिलहाल सामान्य तरीके से डोर टू डोर पर जनसंपर्क पर फोकस कर रहे हैं।

दीपक नगर वार्ड 23

दीपक नगर वार्ड में पिछले 20 साल से भाजपा का कब्जा रहा है। पार्षद व एमआईसी मेंबर विजय जलकारे की पत्नी प्रियंका जलकारे इस बार भाजपा से चुनाव लड़ रही हैं। पूर्व पार्षद व पूर्व एमआईसी सदस्य मीना सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरकर दोनों राजनीतिक दलों के सामने बड़ी चुनौती पेश कर दी है। डॉ. शिव कुमार तमेर के कार्यकाल में मीना सिंह न सिर्फ पार्षद चुनी गई बल्कि वे एमआईसी मेंबर भी रहीं। पांच साल के कार्यकाल में उन्होंने हर घर में पारिवारिक संबंध बना लिए, यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। पिछले 5 साल से विजय जलकारे के पार्षद रहने पर भी मीना सिंह ने अपनी सक्रियता कायम रखी। विकास कार्यों से लेकर मतदाताओं के सुख दुख में शामिल होने और सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर लाभान्वित करने का हुनर भी उनकी चुनावी दावेदारी को ऊर्जा दे रहा है।  भाजपा प्रत्याशी प्रियंका जलकारे का चुनाव अभियान पति विजय जलकारे के साथ घर-घर जाकर व्यक्तिगत तौर पर लोगों से मिलकर वोट की अपील की रणनीति पर केंद्रित है। सभी मतदाताओं के घर जाकर वोट की अपील करने के साथ ही विजय जलकारे अपने पांच साल के पार्षद कार्यकाल में किए गए कार्यों को भी गिना रहे हैं। कांग्रेस प्रत्याशी सुखवंत कौर को टिकट दिलाने में पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर का बड़ा योगदान रहा। प्रतिमा की मौजूदगी में ही सुखवंत का चुनाव अभियान शुरू हुआ। सुखवंत के साथ महिलाओं की टीम भी वोट की अपील करते हुए वार्ड में सक्रिय है।

सुराना कॉलेज वार्ड 40

कांग्रेस प्रत्याशी नजहत परवीन और भाजपा प्रत्याशी चम्पा साहू के बीच सीधा मुकाबला है। पिछले चुनाव में नजहत परवीन ने भारी लीड के साथ चुनाव जीता था। इस बार भी उन्हें जबर्दस्त समर्थन मिल रहा है। नजहत के अलावा वार्ड के पूर्व पार्षद अलताफ अहमद की सक्रियता और मतदाताओं से आत्मीय संबंधों का लाभ भी कांग्रेस को मिल रहा है। नजहत और अलताफ अहमद मतदाताओं की समस्या का तत्काल निराकरण करने के लगातार प्रयास करते हैं। उनकी यही सक्रियता चुनाव दर चुनाव उन्हें मजबूत बना रही है। भाजपा ने चम्पा साहू को प्रत्याशी बनाया है। बार-बार प्रत्याशी बदलने और घोषित प्रत्याशी का वार्ड के विकास में कोई योगदान न होने के कारण इस बार भी भाजपा यहां खास प्रभावी नहीं दिख रही है।

आमदी मंदिर वार्ड 24

भाजपा प्रत्याशी नरेश तेजवानी और कांग्रेस प्रत्याशी किशन आहूजा के अलावा चार निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। सक्रियता के लिहाज से नरेश तेजवानी ज्यादा दमदार हैं। लेकिन सिंधी बहुल वार्ड में चार प्रत्याशियों के बीच वोटों का बंटवारा समीकरण बदल सकता है। वार्ड का आधा हिस्सा न्यू दीपक नगर में आता है। यहां से दीपक जैन और शीतल सरवैया निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे हैं। पिछते चुनाव में शीतल सरवैया ने निर्दलीय चुनाव लड़कर काफी वोट बटोरे थे। इस बार भी उनका जनसंपर्क अभियान तेजी से चल रहा है। इसी एरिया से एक और प्रत्याशी दीपक जैन के समर्थक भी जोरशोर से चुनाव प्रचार में जुटे हैं।

केलाबाड़ी वार्ड 41

दो बार भारी लीड के साथ पार्षद चुनाव जीत चुके हमीद खोखर को कांग्रेस ने टिकट दी हैभाजपा से मो. मतीम शेख को प्रत्याशी बनाया गया है। हमीद खोखर की खासियत ये है कि वे वार्ड के नागरिकों की समस्याओं का समाधान करने के लिए वे कई बार नगर निगम या प्रशासन के मोहताज नहीं रहते बल्कि खुद की व्यवस्था से भी नागरिकों को सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। नागरिकों की सुविधा के लिए वे अपनी जेब से पैसा खर्च करने से पीछे नहीं हटते। वार्ड के जलस्तर को बेहतर बनाने रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पर विशेष फोकस करने किए गए खोखर के कार्यों के लिए नगर निगम के अफसर भी उनकी जमकर सराहना करते हैं। मतीम शेख वार्ड में सक्रिय रहे हैं लेकिन विकास कार्यों या किसी विशेष आयोजन में विशेष भूमिका नहीं रही।