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20 साल बाद दुर्ग से ढहा भाजपा का किला, महापौर बनाने कांग्रेस को लेना होगा निर्दलीय पार्षदों का समर्थन

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विधायक अरूण वोरा ने नामांकन प्रक्रिया के दौरान ही भाजपा के 15 सीटों पर सिमटने की भविष्यवाणी कर दी थी। यह अनुमान सटीक निकला। भाजपा सिर्फ 16 सीटें जीत पाई।  

मतगणना के दौरान विधायक अरूण वोरा दिन भर मतगणना स्थल पर डटे रहे। चुनाव नतीजों की जानकारी लेने के साथ ही वे कांग्रेस-भाजपा नेताओं से चर्चा भी करते रहे।

सीजी न्यूज डॉट कॉम 

20 साल बाद कांग्रेस ने दुर्ग नगर निगम से भाजपा का कब्जा ढहा दिया। 1999 से पहले दुर्ग नगर निगम में कांग्रेस का एकतरफा कब्जा रहा। लेकिन 1999 में भाजपा ने पहली बार दुर्ग नगर निगम पर कब्जा जमाया। सरोज पांडेय महापौर बनी। अगली बार भी सरोज पांडेय दोबारा महापौर चुनी गई। भाजपा का कब्जा बरकरार रहा। तीसरी बार 2014 में हुए निगम चुनाव में भाजपा से डॉ शिव कुमार तमेर महापौर चुने गए। भाजपा पार्षदों का वर्चस्व इस बार भी बना रहा। चौथी बार चंद्रिका चंद्राकर ने महापौर का चुनाव जीत लिया। इस बार कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों की संख्या करीब-करीब बराबर रही।

20 साल बाद आज घोषित हुए नतीजों में कांग्रेस ने एकतरफा बढ़त ले ली है। कांग्रेस पार्षदों की संख्या लगभग दोगुनी है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। निर्दलीय पार्षदों की संख्या 13 और जनता कांग्रेस के 1 पार्षद चुने गए हैं। महापौर चुनाव के लिए पार्षद वोट देंगे। इस लिहाज से महापौर चुनाव के खेल में कांग्रेस को सेफ गेम खेलने के लिए कम से कम आधा दर्जन निर्दलीय पार्षदों को मैनेज करना होगा। सिर्फ महापौर चुनाव में ही नहीं बल्कि सामान्य सभा में अपना बहुमत साबित करने के लिए भी कांग्रेस को अपने पाले में ज्यादा से ज्यादा पार्षदों को रखना होगा।

अब यह कांग्रेस नेताओं को तय करना है कि महापौर पद पर किसे चुना जाएगा। फिलहाल कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षद मदन जैन, अब्दुल गनी और सत्यवती वर्मा महापौर पद की दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। अंतिम फैसला मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा, विधायक अरूण वोरा को लेना है। यह भी संभावना है कि कांग्रेस नेतृत्व कांग्रेस के हरेक पार्षद से चर्चा कर रायशुमाारी करने के बाद ही निर्णय ले। अगले दो दिनों में महापौर पद को लेकर रस्साकशी और दमखम दिखाने का खेल तेजी से चलेगा।

वोरा का अनुमान सटीक निकला

विधायक अरूण वोरा ने नगर निगम चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के दौरान ही नतीजों को लेकर अनुमान लगाया था। पत्रकारों से चर्चा करते हुए वोरा ने कहा था कि इस बार नगर निगम दुर्ग के चुनाव में भाजपा 15 सीटों पर सिमट जाएगी। उस समय किसी को यह गुमान नहीं था कि भाजपा के पार्षद इतनी कम संख्या में चुने जाएंगे। चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद कांग्रेसियों में आज चर्चा होती रही कि वोरा का अनुमान एकदम सटीक निकला।