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गनी. नारायणी, मदन, सत्यवती भी पहुंचे बेबीलोन होटल, कांग्रेस के पास बहुमत के लिए 31 पार्षदों का मैजिक नंबर

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सीजी न्यूज डॉट कॉम  

दुर्ग नगर निगम में महापौर चुनाव को लेकर हफ्ते भर से चल रहे राजनीतिक ड्रामे का अंत से एक दिन पहले शाम 6 बजे हो गया। दोपहर में कांग्रेस के 30 में से 26 पार्षदों और एक निर्दलीय पार्षद को लेकर विधायक अरूण वोरा रायपुर रवाना हुए। क्रास वोटिंग और भीतरघात को रोकने के लिए सभी पार्षदों को कड़ी निगरानी में रायपुर के एक होटल में ठहराया गया। कांग्रेस पार्षद दल के होटल पहुंचने के कुछ देर बाद महापौर पद की दावेदारी करने वाले पार्षद अब्दुल गनी, राजकुमार नारायणी, सत्यवती वर्मा और मदन जैन भी होटल पहुंच गए। इसके साथ ही राजनीतिक ड्रामे का अंत हो गया।

सुबह 10 बजे से कांग्रेस पार्षदों की बैठक में महापौर पद के दो दावेदार मदन जैन और सत्यवती वर्मा नहीं आए। शहर कांग्रेस अध्यक्ष आरएन वर्मा ने बैठक से दूरी बनाए रखी। तभी से यह अटकलें लगाई जा रही थी कि दिल्ली में कांग्रेस के प्रशासनिक महासचिव मोतीलाल वोरा और एआईसीसी मेंबर शानू वोरा से मुलाकात के बावजूद कांग्रेस पार्षद दल में सब कुछ सामान्य नहीं है। 30 पार्षदों के विजयी होने के बावजूद विधायक के नेतृत्व में दुर्ग से रवाना हुई कांग्रेस एक्सप्रेस से चार पार्षदों के गायब रहने पर क्रास वोटिंग और भीतरघात की आशंका जताई जा रही थी।

इससे पहले आज सुबह वोरा निवास में शानू वोरा ने सुबह 10 बजे सभी कांग्रेस पार्षदों को बुलाया लेकिन सत्यवती वर्मा और मदन जैन बैठक में नहीं आए। बाद में विधायक अरूण वोरा के नेतृत्व में 27 पार्षद रायपुर के लिए बस से रवाना हो गए। पार्षद अब्दुल गनी, राजकुमार नारायणी ने वोरा को कुछ देर बाद रायपुर पहुंचने की जानकारी दी। शाम 6 बजे गनी और नारायणी के अलावा वर्मा और मदन जैन भी बेबीलोन होटल पहुंच गए। अब कांग्रेस के सभी 30 पार्षद एकजुट हो गए हैं। उनके साथ एक निर्दलीय पार्षद भी होटल में मौजूद है। यानी कांग्रेस के पास कुल 31 पार्षदों का संख्याबल है।

इसलिए अटकलें चलती रही

दो दिन पहले महापौर के लिए दावेदारी करने वाले कांग्रेस पार्षद मदन जैन, सत्यवती वर्मा के पति आरएन वर्मा, अब्दुल गनी और राजकुमार नारायणी ने दिल्ली जाकर कांग्रेस महासचिव मोतीलाल वोरा से मुलाकात की थी। दिल्ली में पार्षदों ने लामबंदी करते हुए वोरा से कहा कि चारों में से किसी एक को महापौर प्रत्याशी बनाया जाए। वोरा से मुलाकात के बाद वापस लौटने पर एआईसीसी मेंबर शानू वोरा ने रायपुर से आकर वोरा निवास में कांग्रेस के चारों दावेदारों को चर्चा के लिए बुलाया। मान मनौव्वल का प्रयास भी किया। लेकिन मामला नहीं सुलझा। शानू वोरा यही कहते रहे कि हाईकमान से तय नाम को ही सभी कांग्रेस पार्षद स्वीकार करें, लेकिन चारों पार्षद अलग-अलग तेवर रहे। महापौर चुनाव से एक दिन पहले सभी कांग्रेस पार्षदों के एकजुट होने के साथ ही क्रास वोटिंग की आशंका फिलहाल खत्म हो गई है।