Breaking News

Top News

छत्तीसगढ़ के गांवों को स्वावलंबी बनाकर स्व. चंदूलाल चंद्राकर के सपनों को  साकार करेंगे – भूपेश

Share Now

सही मायनों में छत्तीसगढ़ के पितृपुरुष थे चंदूलाल चंद्राकर – वेदप्रताप वैदिक

सीजी न्यूज डॉट कॉम

छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के स्वप्नदृष्टा स्व. चंदूलाल चंद्राकर की सौवीं जयंती और 25 वीं पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रध्दांजलि अर्पित की गई। स्व. चंद्राकर की दूरदृष्टि से भरे विचारों को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता और राजनीतिक जीवन में उन्होंने विश्व के 95 देशों का भ्रमण किया लेकिन कभी भी अपनी सादगी भरी छत्तीसगढ़िया लाइफ स्टाइल को नहीं छोड़ा।

प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्व. चंदूलाल चंद्राकर को श्रध्दांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी सोच महात्मा गांधी की सादगी और विनम्रता से भरे विचारों और जीवनदर्शन से प्रेरित थी। वे गांवों को स्वावलंबी बनाने के जबर्दस्त हिमायती थे। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण का आंदोलन शुरू करने के साथ ही उन्होंने यहां के लोगों का जीवन स्तर बेहतर बनाने का सपना देखा। देश के नामचीन राजनेता होने के बावजूद  उन्होंने कभी स्वप्रचार नहीं किया। अपने कार्यों, उपलब्धियों का गुणगान नहीं किया।  उनके सपनों को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार तेजी से काम कर रही है।

देश के वरिष्ठतम पत्रकार वेदप्रताप वैदिक ने स्व. चंदूलाल चंद्राकर के साथ बिताए गए पलों को याद करते हुए कहा कि वे सहिष्णुता का चरम थे। सही मायनों में वे लोकतंत्र की शान थे। वे इतने सदाचारी और सादगी पसंद थे कि उनकी गणना साधुओं में करना बेहतर होगा। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के लिए उनका जोश गजब का था। वे सही मायनों में छत्तीसगढ़ के पितृपुरुष थे। उनकी स्मृति और योगदान को चिरस्थायी बनाए रखने की दिशा में काम होना चाहिए। उनके जीवन से जुड़े संस्मरणों को एकत्र किया जाना चाहिए। उनकी स्मृति से जुड़ी चीजों को एकत्र कर संग्रहालय बनाना चाहिए। ताकि नई पीढ़ी को स्व. चंदूलाल चंद्राकर के व्यक्तित्व और उनके योगदान को जान सके।

प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि स्व. चंदूलाल चंद्राकर वास्तव में एक पाठशाला थे। वे देश के कद्दावर नेता और दिग्गज पत्रकार होने के बावजूद नेता कम सामाजिक व्यक्ति ज्यादा रहे। समस्या का गहन चिंतन करते थे और समस्या का निदान करने में भी महारथ हासिल थी। स्व. चंदूलाल चंद्राकर ने हमेशा समृद्ध छत्तीसगढ़ का सपना देखा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उनके सपनों को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक फैसले किए हैं। ताम्रध्वज ने कहा कि स्व. चंदूलाल चंद्राकर के विचारों और उनके व्यक्तित्व को जीवित रखने के लिए जो भी कार्य जरूरी होंगे, उसे प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रदीप चौबे ने कहा कि 1980 में अविभाजित मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की मौजूदगी में विशाल जनसभा के दौरान स्व. चंदूलाल चंद्राकर ने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण की मांग करते हुए इसे अनिवार्य बताया। उनकी इस मांग से सभा में मौजूद वरिष्ठ नेताओं समेत हजारों लोग चकित रह गए। बाद में उन्हीं की अगुवाई में राज्य निर्माण आंदोलन शुरू हुआ और नए राज्य का निर्माण हो पाया। चौबे ने कहा कि उनके शिष्य प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने गुरू के आदर्शों पर चलकर छत्तीसगढ़ का विकास कर रहे हैं।

सभा को विधायक अरूण वोरा, कुंवर सिंह निषाद, पुकेश्वर भारदीय, राजेंद्र हरमुख, वरिष्ठ पत्रकार यशवंत धोटे, राजेंद्र हरमुख, राधेश्याम शर्मा, पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर, डोमेंद्र भेड़िया ने भी संबोधित करते हुए स्व. चंदूलाल चंद्राकर को श्रध्दांजलि अर्पित की। श्रध्दांजलि सभा का संचालन संजय चंद्राकर ने किया। इस मौके पर दुर्ग के महापौर धीरज बाकलीवाल, सभापति राजेश यादव, अमित चंद्राकर, हिमकर चंद्राकर, सीजू एंथोनी, पूर्व महापौर आरएन वर्मा, अब्दुल गनी, दीपक दुबे, प्रकाश नाहटा, राजेंद्र साहू, देवलाल ठाकुर, अजय मिश्रा, अय्यूब खान, कुणाल तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, समाजसेवी मौजूद थे।

-0-