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डिजिटल शिक्षा की ओर बड़े कदम का आगाज करेंगे सीएम, पंडवानी से होगी पढ़ाई, स्कूलों में पेपरलेस काम करने ‘टीम’ सॉफ्टवेयर लांच होगा  

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सीजी न्यूज रिपोर्टर। दुर्ग

पाटन ब्लाक के मर्रा गांव में सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल में बुधवार को राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में यहां नव प्रवेशी बच्चों के स्वागत के साथ ही बच्चों की पढ़ाई को रोचक बनाने नवाचार की शुरुआत होगी। स्कूल में स्मार्ट कंटेट वाले स्मार्ट क्लास और स्मार्ट लैब की सुविधा भी शुरू होगी।

भविष्य में सवा चार हजार हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में इसी तरह के स्मार्ट क्लास और स्मार्ट लैब की स्थापना की जाएगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री टोटल एजुकेशन एंड मैनेजमेंट सिस्टम यानी टीम सॉफ्टवेयर की लांचिंग करेंगे। इस सिस्टम से स्कूल में छात्रों और शिक्षकों की उपस्थिति, छात्रवृत्ति, गणवेश आदि के रिकॉर्ड रखने में काफी कम समय लगेगा। छात्रों को क्वालिटी एजुकेशन देने में मदद मिलेगी।

आईसीटी प्रोग्राम लांच करेंगे
इस अवसर पर मुख्यमंत्री मर्रा स्कूल में आईसीटी प्रोग्राम लांच करेंगे। आईसीटी यानी इनफार्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नालाजी प्रोग्राम के माध्यम से विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लास में डिजिटल कंटेट से शिक्षा दी जाएगी। शिक्षाविद मानते हैं कि केवल सुनने की बजाय देखने और सुनने से पाठ्यक्रम को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है। डिजिटल कंटेट से पढ़ाई गई बातें बच्चे कितना समझ रहे हैं, यह ट्रैक किया जाएगा। बच्चों की शैक्षणिक प्रगति की रिपोर्ट डैशबोर्ड के माध्यम से अफसरों तक पहुंचेगी। कंप्यूटर और आईटी की शिक्षा भी दी जाएगी।
पुस्तकों में क्यूआर कोड, दीक्षा एप में लेते ही आफलाइन भी कर सकेंगे पढ़ाई
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री दीक्षा एप की लांचिंग करेंगे। इसे गूगल प्लेस्टोर से डाउनलोड किया जा सकेगा। मोबाइल में क्यूआर कोड की तस्वीर लेते ही पाठ्यपुस्तक की पूरी सामग्री दिखेगी। इसमें रोचक तरीके से किताब की सामग्री बच्चों के लिए उपलब्ध होगी।
किताबों की सामग्री मल्टीमीडिया में, पंडवानी जैसे लोकगायन से पढ़ाई
स्कूलों में छात्रों को शिक्षा देन छत्तीसगढ़ मल्टीमीडिया टेक्स्ट बोर्ड एप तैयार किया गया है। इसमें छत्तीसगढ़ में प्रचलित छह बोलियों में पढ़ाई की सामग्री उपलब्ध है। अगर बस्तर में कोई बच्चा गोंडी या हल्बी समझता है तो  साफ्टवेयर से उसे समझाने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। इसका कंटेट काफी रोचक है। विशेषज्ञों  ने बताया कि सहायक वाचन में गांधी जी के जीवन से जुड़ा हिस्सा है। इसे पंडवानी के माध्यम से बताया गया है। किस प्रकार गांधी जहाज से विदेश गए और उनके सत्य के प्रयोगों के बारे में पंडवानी गायन से बताया गया है। यह काफी रोचक है। गणित की पढ़ाई के प्रायोगिक पक्षों के बारे में भी बताया गया है।

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