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प्रदेश के दूध उत्पादकों को हर साल 100 करोड़ रुपए का भुगतान , देवभोग डेयरी में रोज एक लाख लीटर दूध की सप्लाई

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सीजी न्यूज रिपोर्टर

छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित में 28 हजार किसान परिवारों को हर साल सौ करोड़ रुपए का भुगतान किया जा रहा है। वर्तमान में 984 दुग्ध सहकारी समितियों में किसानों का पंजीयन किया गया है। इन परिवारों से रोज  दो पालियों में दूध की सप्लाई हो रही है। रोज करीब एक लाख 8 हजार लीटर दूध एकत्र करने के बाद दुग्ध संयंत्र में प्रसंस्करण के बाद उपभोक्ताओं को देवभोग ब्रांड उपलब्ध कराया जाता है। दूध की उच्च गुणवत्ता आई.एस.ओ प्रमाणित और एफएसएसएआई मानकों के अनुरूप है।

दूध का उत्पादन करने वाले किसानों को औसतन प्रति लीटर 10 रूपए का फायदा हो रहा है। छत्तीसगढ़ शासन की पहल और दूध महासंघ प्रबंधन के प्रयास से पिछले 6 माह में विशेष रूप से दूध उत्पाद विक्रय में पिछले साल की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत की बिक्री बढ़ी है। महासंघ के उत्पादों में श्रीखण्ड, सुगंधित मीठा दूध, नमकीन, मसाला छाछ, पनीर, मीठा दही, सादा दही, लस्सी, पेड़ा, खोवा आदि उत्पाद उपभोक्ताओं की पसंद हैं।
छत्तीसगढ़ शासन ने कुपोषण की समस्या दूर करने ‘मुख्यमंत्री अमृत योजना‘ शुरू की है। इस योजना के तहत सहकारी दुग्ध महासंघ में संग्रहित दूध में शक्कर और फ्लेवर डालकर पौष्टिक स्वादिष्ट सुगंधित मीठा दूध तैयार कर  प्रदेश के सभी आंगनबाड़ियों में 3 से 6 आयु वर्ग के लगभग 6 लाख बच्चों को हफ्ते में एक दिन दिया जाता है।  दुग्ध महासंघ अपने दूध उत्पादकों से प्रति लीटर गाय का दूध 31 रूपए 75 पैसे की दर से खरीदता है। अफसरों ने बताया कि दुग्ध उत्पादक किसानों को हर साल 100 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा रहा है। अनुदान के रूप में करीब 20 करोड़ रूपए की राशि शासन की अलग अलग योजनाओं के माध्यम से किसानों के खाते में अतिरिक्त जमा होे रही हैं।