Breaking News

Top News

सर्व आदिवासी समाज ने मुख्यमंत्री का सम्मान किया, आदिवासी इलाकों में कुपोषण दूर करने, बेहतर इलाज सुविधा और रोजगार के अवसर देने पर जताया आभार

Share Now

सीजी न्यूज रिपोर्टर

छत्तीसगढ़ विधानसभा के सेन्ट्रल हॉल में गुरूवार को सर्व आदिवासी समाज ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सम्मान किया।  आदिवासी समाज के हित में कांग्रेस सरकार के फैसलों और कल्याणकारी योजनाएं शुरू करने पर उनका पुष्पहार से   सम्मान किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में कुपोषण की चुनौती से निबटने, बेहतर चिकित्सा और रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। इससे आदिवासी इलाकों में  तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे।

सीएम ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के माध्यम से संचालित निर्माण कार्यों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का प्रयास किया जा रहा है। लघु वनोपज पर आधारित लघु उद्योगों और प्रसंस्करण इकाईयों को प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि यहां के नागरिकों को रोजगार और आमदनी बढ़ाने के अवसर मिलें। इन क्षेत्रों में लघु वनोपज आधारित प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री से वन अधिनियम के प्रावधान शिथिल करने का आग्रह किया गया है।  इससे यहां रोजगारमूलक इकाईयों के लिए जमीन आवंटित करने और संचालन में सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डीएमएफ की राशि का उपयोग खदान प्रभावित क्षेत्र में लोगों के जीवन में बेहतर परिवर्तन लाने के लिए किया जाएगा। आदिवासी क्षेत्रों में कुपोषण दूर करने के लिए चना दिया जा रहा है। गुड़ भी देंगे। दन्तेवाड़ा जिले में कुपोषण दूर करने के लिए बच्चों और महिलाओं को अंडा वितरण शुरू हो गया है। इसकी नीति आयोग ने प्रशंसा की है। बस्तर और सरगुजा में सिंचाई का प्रतिशत काफी कम है। नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना से यहां के नालों को रिचार्ज किया जाएगा। इससे सतही जल और भूमिगत जल की उपलब्धता बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरणों का अध्यक्ष स्थानीय विधायकों को बनाने का फैसला लिया गया है। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर ढाई हजार रूपए से बढ़ाकर चार हजार रूपए प्रति मानक बोरा की गई है। बस्तर में प्रस्तावित स्टील प्लांट न बनने पर लोहंड़ीगुड़ा क्षेत्र के किसानों की अधिगृहित भूमि लौटाने का निर्णय भी किया गया।

उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस का मुख्य समारोह राजधानी रायपुर में भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि होंगे। जिला स्तर पर भी विश्व आदिवासी दिवस पर कार्यक्रम होंगे। इनमें विधायक और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। विधायक मोहन मरकाम ने कहा कि राज्य सरकार ने आदिवासियों के हित में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। वन अधिकार पट्टों के लिए प्रदेश में पूर्व में अमान्य किए गए लगभग साढ़े चार लाख आवेदनों पर पुनर्विचार और समीक्षा कर पट्टे देने जैसा महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। वन क्षेत्रों में सामुदायिक वन अधिकार पट्टे आवंटित करने पर जोर देने और बच्चे के जन्म लेने के बाद पिता की जाति के आधार पर उसे जाति प्रमाण पत्र तत्काल देने का निर्णय भी विशेष रूप से उल्लेखनीय है।

इस मौके पर स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, नगरीय विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, विधायक विधायक शिशुपाल सोरी, विक्रम मंडावी, चंदन कश्यप, लखेश्वर बघेल, लालजीत सिंह राठिया, डॉ. लक्ष्मी ध्रुव, बृहस्पति सिंह, चक्रधर सिंह सिदार, यूडी मिंज, विनय कुमार भगत सहित अनेक विधायक और सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारी उपस्थित थे।