Breaking News

Top News

देश के शीर्ष 10 कृषि विवि में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय शामिल, आईसीएआर की रैंकिंग से छुआ कामयाबी का नया शिखर

Share Now

सीजी न्यूज रिपोर्टर

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर ने कामयाबी का सिलसिला जारी रखते हुए सफलता का नया शिखर पा लिया है।  भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के कृषि शिक्षा विभाग ने वर्ष 2018-19 के लिए कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि शिक्षा संस्थानों की रैंकिंग सूची जारी की है। सूची में इंदिरा गांधी कृषि विवि को 10 वां स्थान मिला है। कृषि शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार के क्षेत्र में विवि के कार्यों का मूल्यांकन करने के बाद भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने यह रैंकिंग जारी की है।

इससे पहले वर्ष 2016-17 की रैंकिंग सूची में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय 17 वें स्थान पर था। वर्ष 2017-18 में 12 वें स्थान पर रहा। वर्ष 2018-19 की रैंकिंग में इंदिरा गांधी कृषि विवि ने देश के कई नामीगिरामी विश्वविद्यालयों को पीछे छोड़कर यह मुकाम हासिल किया। वर्तमान में देश भर में 72 कृषि विश्वविद्यालय संचालित हैं। 20 जनवरी 1987 को स्थापित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर ने अल्पकाल में ही देश के शीर्ष 10 विवि में शामिल होने का गौरव मिल गया है।

वर्ष 2003 में इंदिरा गांधी कृषि विवि के अंतर्गत सिर्फ 4 कृषि महाविद्यालय संचालित थे जिनमें कुल 300 सीट थी। वर्तमान में इसके अंतर्गत 40 शासकीय और निजी महाविद्यालय संचालित हैं जिनमें 2200 से ज्यादा सीटें हैं। नए सत्र से महासमुंद, गरियाबंद, कुरूद, कोरबा, जशपुर, छुईखदान, साजा, मर्रा (पाटन) में नए कृषि महाविद्यालय शुरू होने वाले हैं। वर्ष 2003 में स्नातकोत्तर एवं पीएचडी की लगभग 100 सीट्स उपलब्ध थी जिसे बढ़ाकर लगभग 591 कर दिया गया है। शैक्षणिक सत्र 2018-19 में कुल 421 सीटों की वृद्धि हुई है।

कम समय में बड़ी उपलब्धियां

विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर और पीएचडी छात्रों को देश के अग्रणी संस्थानों में शोध की सुविधा उपलब्ध कराने 58 राष्ट्रीय शोध संस्थानों से एमओयू किया गया है। शोध करने वाले स्नातकोत्तर छात्रों को 5 हजार रूपए मासिक और  पीएचडी छात्रों को 10 हजार रूपए मासिक छात्रवृत्ति दी जाती है। ऐसी सुविधा व छात्रवृत्ति देने वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य है। इस साल राज्य के 160 छात्रों ने नेशनल इलीजीबीलीटी टेस्ट नेट की परीक्षा उत्तीर्ण की है। विश्वविद्यालय ने अलग- अलग फसलों की लगभग 122 किस्में विकसित की हैं। पिछले साल से विश्वविद्यालय ने बीज, खाद, कीटनाशक बेचने वाले एग्रीइन्पुट डीलर्स को प्रशिक्षण देने एक वर्षीय डिप्लोमा कार्यक्रम शुरू किया। अगले दो वर्षों में 5000 एग्रीइन्पुट डीलर्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा। फसलों में लगने वाले कीड़े बीमारियों के पहचान् एवं उसके नियंत्रण ऑनलाइन जानने के लिए क्राप डॉक्टर, वेजेटेबल डॉक्टर, दलहन और तिलहन डाक्टर मोबाईल एप भी जारी किए गए हैं। यह एप इंटरनेट कनेक्शन के बिना भी काम करते हैं। विश्वविद्यालय में कृषि मंत्रालय ने  95 अनुसंधान परियोजनाएं चल रही हैं। इसमें से 11 को बीते वर्षों में देश की सर्वश्रेष्ठ परियोजना का पुरस्कार दिया गया है। भारत सरकार के इंफार्मेशन  टेक्नॉलाजी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय ने इंदिरा गांधी कृषि विवि को सर्वश्रेष्ठ ई-गर्वनेन्स मॉडल का पुरस्कार मिल चुका है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एसके पिटल ने इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों, प्राध्यापकों और सभी कर्मचारियों को बधाई दी है।