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नीति आयोग की रैंकिंग में देश में पहले स्थान पर कोंडागांव, मक्का प्रसंस्करण केंद्र के बाद अब दुग्ध उत्पादन में बनाएगा नई पहचान

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सीजी न्यूज रिपोर्टर

नीति आयोग ने विकास के अलग अलग मापदंडों के आधार पर देश के सर्वाधिक सुधार वाले 5 आकांक्षी जिलों की डेल्टा रैंकिंग जारी की है। मई माह की रैंकिंग में बस्तर का कोंडागांव जिला देश में पहले स्थान पर है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर बस्तर और सरगुजा के आदिवासी इलाकों में कुपोषण दूर करने, रोजगार के संसाधन विकसित करने सहित कई समस्याओं को लेकर महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू की हैं। इसके परिणाम नजर आने लगे हैं। इन सुधार कार्यक्रमों के कारण कोंडागांव देश के नक्शे में सर्वोच्च स्थान पर आ गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस उपलब्धि के लिए कोंडागांव के जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएं दी है।
देश के आकांक्षी जिलों में सामाजिक विकास के कई क्षेत्रों में दर्ज हुई प्रगति से इन जिलों में नागरिकों के जीवन में सुधार आया है। इसका आकलन कर नीति आयोग ने जिलों की रैंकिंग की है। नीति आयोग की रैंकिंग में छत्तीसगढ़ का कोंडागांव प्रथम, उत्तर प्रदेश का फतेहपुर दूसरे स्थान पर, झारखंड का पाकुर तीसरे स्थान पर है। इसी तरह राजस्थान का धौलपुर जिला चौथे और उत्तर प्रदेश का चित्रकोट जिला पांचवे स्थान पर है।

मक्का प्रसंस्करण केंद्र के बाद अब दुग्ध उत्पादन भी होगा
कोंडागांव में मक्का प्रसंस्करण केन्द्र, चूड़ी डिजाइनिंग, एलईडी बल्ब निर्माण, तार फेंसिग निर्माण जैसे रोजगार कार्यक्रमों से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को जोड़ने के बाद अब यहां दुग्ध उत्पादन में पहचान बनाने की तैयारी चल रही है। बस्तर संभाग मे गौवंशीय दुधारू पशुओं की बहुतायत है। इनसे मिलने वाले दूध का इस्तेमाल घरों में होता है। अब इसका व्यवसायिक उपयोग किया जाएगा। दूध उत्पादन के क्षेत्र मे रोजगार की संभावनाएं तलाशने फरसगांव के चुरेगांव कैंप में दुग्ध संग्रहण सह प्रशीतन केन्द्र की स्थापना हो रही है।
हाल ही में नीति आयोग नई दिल्ली से केन्द्रीय प्रभारी अधिकारी दिलीप कुमार ने चुरेगांव स्थित दुग्ध संग्रहण सह प्रशीतन केन्द्र का निरीक्षण किया। कलेक्टर नीलकण्ठ टीकाम ने बताया कि जिले मंे दुग्ध उत्पादन खाद्य सुरक्षा (पौष्टिक आहार सुरक्षा) एवं स्वरोजगार सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हो सकता है। इससे किसानों की आय दुगूनी हो सकती है। प्रवास के दौरान नीति आयोग के संयुक्त सचिव दिलीप कुमार ने स्थानीय किसानों की आय ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने वाले कार्य करने पर जोर दिया।