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भूपेश केबिनेट ने जमीन का सरकारी रेट 30 प्रतिशत घटाया, रजिस्ट्रेशन शुल्क बढ़ा, लोगों को किफायती कीमत में मिलेंगे मकान और प्लाट

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सीजी न्यूज रिपोर्टर
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में केबिनेट की बैठक में प्रदेश में स्थावर संपत्ति का बाजार मूल्य गाइडलाइन की दरों में 30 प्रतिशत की कमी कर दी गई है। यानी कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार जमीन की सरकारी दरें कम हो गई हैं। दूसरी और पंजीयन शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। इसे 0.8 प्रतिशत से बढ़ाकर गाइडलाइन मूल्य का 4 प्रतिशत कर दिया गया है। इस तरह अब जमीन, मकान या अन्य संपत्ति के पंजीयन पर कुल 10.25 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा। इस बदलाव से पक्षकारों को कुल भुगतान पर नगण्य अंतर आएगा।
सरकार के इस फैसले से दस्तावेजों के पंजीयन में बढ़ोतरी होगी जिससे राजस्व बढ़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से रियल एस्टेट और निर्माण क्षेत्र के विकास में तेजी आएगी। किफायती दरों पर लोगों को मकान उपलब्ध होंगे। रियल एस्टेट और निर्माण क्षेत्र के विकास से रोजगार में वृद्धि होगी। ये प्रावधान 25 जुलाई से लागू होंगे।
भूपेश सरकार का गठन होने के फौरन बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेश में रियल एस्टेट को मंदी से उबारने जरूरी कदम उठाने की घोषणा की थी। सरकार बनने के महज 7 माह में ही सरकार ने यह बड़ा फैसला कर रियल एस्टेट कारोबारियों के साथ ही संपत्ति खरीदने वाले लोगों को बड़ा तोहफा दिया है। केबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ विधानसभा में पारित छत्तीसगढ़ पंचायत राज (संशोधन) विधेयक 2019 का अनुमोदन भी किया गया। इसके अलावा कोरबा में वर्ष 2017-18 से बंद 50-50 मेगावाट की 4 यूनिटों को पूर्व में लिए गए निर्णय के अनुसार बंद करने का निर्णय लिया गया है।