Breaking News

Top News

सिर्फ 6 महीने के कार्यकाल में सरकार ने हर वर्ग को राहत दी, सिर्फ बड़े फैसले ही नहीं किए, काम करके दिखाया – भूपेश

Share Now


सीजी न्यूज रिपोर्टर
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि राज्य सरकार के 6 माह के कार्यकाल में राज्य के हर वर्ग के लोगों के हित में न सिर्फ बड़े फैसले किए गए बल्कि इनका क्रियान्वयन भी किया गया। 6 माह के कार्यकाल में 3 महीने आचार संहिता लागू रही। बचे 3 माह में सरकार ने महत्वपूर्ण फैसले करने के साथ इनका क्रियान्वयन भी शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 6 माह में छत्तीसगढ़ की आत्मा यानी गांवों, किसानों, महिलाओं, आदिवासियों और युवाओं के हित में राज्य सरकार ने जितने बड़े फैसले लिए हैं, वैसा उदाहरण पिछले कई दशकों में नहीं मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को लेकर हमारे पुरखों ने जो सपना देखा था, उसे कहीं दूर छोड़ दिया गया था। हमने उसे वापस लौटाने का काम शुरू किया है। सरकार ने पहले गांव में खुशहाली, उमंग और उल्लास लाने कई बड़े फैसले किए। अब हरेली, तीजा, आदिवासी दिवस जैसे त्यौहारों पर छुट्टी देने का फैसला किया। इससे गांवों की खुशियां लौटेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा धान खरीदी की गई। करीब 80 लाख 37 हजार मीट्रिक टन धान खरीदी हुई। प्रचलित समर्थन मूल्य से 6 हजार करोड़ रूपए ज्यादा यानी 20 हजार करोड़ रूपए का भुगतान किसानों को किया गया। विधानसभा में मुख्यमंत्री ने सदस्यों से यह सवाल भी किया कि 25 सौ रूपए क्विंटल की दर से धान खरीदी और कर्जा माफी पर उनकी कोई अलग राय हो तो बताएं।
बघेल ने कहा कि राज्य शासन ने 19 लाख किसानों के 11 हजार करोड़ रूपए का कर्ज माफ किया। सहकारी और ग्रामीण बैंक ही नहीं, व्यवसायिक बैंकों से लिया गया कृषि ऋण भी माफ किया। किसानों के ‘नॉन परफामिंग खातों’ का वन टाइम सेटलमेंट का निर्णय लिया। इससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इक्का-दुक्का तकनीकी मामलों में कुछ समय लग रहा है, लेकिन सैद्धान्तिक तौर पर किसानों को पुराने कृषि ऋण से मुक्त कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि क्या कोई सदस्य सिंचाई कर माफी करने और घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक आधा बिल माफ करने के फैसले से राज्य में सालाना 950 करोड़ रूपए खर्च का इंतजाम किया गया है। एक परिवार को 35 किलो चावल और तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 4 हजार रूपए मानक बोरा किया गया। बस्तर-सरगुजा और मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष अब मुख्यमंत्री नहीं है, बल्कि बस्तर-सरगुजा के स्थानीय विधायक हैं। उन्होंने सवाल किया कि इन फैसलों से क्या कोई सदस्य असहमत है?
बघेल ने कहा कि नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी प्रोजेक्ट से राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुधरेगी। हरेली के दिन जब नव-निर्मित सैकड़ों गौठानों का लोकार्पण किया जाएगा। गांव-गांव में गौ-माता और अन्य मवेशियों को लेकर प्रेम भाव गांव वालों की आंखों में उमड़ेगा। इस योजना से कई बड़े बदलाव आएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पिछले 6 महीनों में हुए काम को केंद्र सरकार ने देश के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे आगे बताया है।
मुख्यमंत्री ने विद्युत कटौती को लेकर हो रही आलोचनाओं पर कहा कि केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण की रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ में विद्युत आपूर्ति का रिलायबिलिटी फैक्टर लगभग 98 प्रतिशत है। यानी कटौती का प्रतिशत काफी कम है। मुख्यमंत्री ने कहा 6 महीने के कार्यकाल में छोटे भूखंडों की खरीदी-बिक्री से रोक हटाने के फैसले से लोग अपनी जरूरत के हिसाब से छोटे भूखंड खरीद बेच सकते हैं।
बस्तर के लोगों का विश्वास जीतना हमारी नीति
लोहांडीगुड़ा के वनवासियों की जमीन वापस करने के फैसले का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उद्योगों के खिलाफ नहीं हैं लेकिन यह जरूरी है कि औद्योगिक नियम और कानूनों का पालन किया जाए। सैकड़ों लोगों को उनकी भूमि वापस मिल गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित जगरगुण्डा में 13 सालों से बंद स्कूल फिर से शुरू हो चुका है। बस्तर के बाजार हाट में लगने वाले स्वास्थ्य शिविर, आंगनबाड़ी केन्द्रों में की सुपोषण भोजन की व्यवस्था और आदिवासियों को चना के साथ गुड़ देने का फैसला आदिवासियों को बड़ी सौगात है। मुख्यमंत्री ने कहा बस्तर में बदलाव आ रहा है और आदिवासियों का विश्वास जीतना हमारी सबसे बड़ी नीति है।