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पटवारी घर बैठकर न करें गिरदावरी, सीएम ने दिए सख्त निर्देश, कम वर्षा की स्थिति से निबटने वैकल्पिक फसल और पशु चारा की व्यवस्था करने कहा  

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सीजी न्यूज रिपोर्टर

प्रदेश में कम वर्षा की स्थिति से निबटने राज्य सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कृषि और राजस्व विभाग के अफसरों को कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय भवन में हुई बैठक में अफसरों को वैकल्पिक फसलों के लिए बीज, खाद की व्यवस्था करने और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा। बैठक में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत और मुख्य सचिव सुनील कुजूर भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पटवारी किसानों के खेत में जाकर गिरदावरी करें। पटवारी के साथ कृषि, राजस्व, पंचायत विभाग के मैदानी अधिकारी-कर्मचारी और किसानों की मौजूदगी में फोटोग्राफ लेकर उनके दस्तखत भी कराएं।   मुख्यमंत्री ने कहा कि शत-प्रतिशत गिरदावरी होने से पता चलेगा कि किसान ने कितने रकबे में कौन सी फसल बोई है। किसानों को प्राकृतिक आपदा होने पर मुआवजे के लिए पटवारियों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। किसानों को राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के अनुसार मुआवजा और फसल बीमा की राशि मिल जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि पटवारी किसी भी हालत में घर बैठे गिरदावरी का कार्य नहीं करें। कृषि विभाग के मैदानी अमले को कम वर्षा की स्थिति में वैकल्पिक फसलों के लिए तकनीकी मार्गदर्शन देने का काम शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर अपने जिले में वर्षा और फसलों की स्थिति की लगातार निगरानी करें। बैठक में कृषि विभाग के अफसरों ने बताया कि सूरजपुर, कोरिया, गरियाबंद, धमतरी, बस्तर, नारायणपुर और कोण्डागांव में सामान्य वर्षा हुई है।

शेष 20 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। रायपुर, बलौदाबाजार, दुर्ग, राजनांदगांव, बेमेतरा और कांकेर जिले अति अल्पवृष्टि जिले हैं। किसी भी जिले में फसल सूखने या दोबारा बोनी की स्थिति नहीं है। सामान्य वर्षा की स्थिति में धान की शीघ्र और मध्यम पकने वाली फसलों की बोआई और रोपाई 15 अगस्त तक की जा सकती है। बैठक में अपर मुख्य सचिव व कृषि उत्पादन आयुक्त केडीपी राव, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. मनिन्दर कौर द्विवेदी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, कृषि विभाग के सचिव हेमंत पहारे, विशेष सचिव मुकेश बंसल, आयुक्त भू-अभिलेख रमेश शर्मा सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।