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प्रोडक्ट की क्वालिटी बेहतर कर कार्पाेरेट जगत को चुनौती दे सकते हैं कोऑपरेटिव सेक्टर – सीएम 

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सीजी न्यूज रिपोर्टर

कड़ी स्पर्धा के युग में सहकारिता से जुड़ी संस्थाओं को प्रोडक्ट की क्वालिटी बेहतर बनाने पर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए। गुणवत्ता बढ़ाकर कोआपरेटिव सेक्टर कार्पोरेट जगत को चुनौती दे सकते हैं। ये बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ‘मध्य क्षेत्र के राज्यों में सहकारी आंदोलन के समक्ष अवसर और चुनौतियां‘ विषय पर आयोजित सम्मेलन में कही। सीएम ने छत्तीसगढ़ में सहकारिता क्षेत्र में प्रशिक्षण के लिए नया रायपुर में भवन उपलब्ध कराने की घोषणा भी की।

सीएम ने कहा कि सहकारिता ने लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सहकारिता से जुड़े करोड़ों लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने जरूरी है कि सहकारिता के कार्याें के प्रति व्यवसायिक दृष्टि अपनाकर क्वालिटी पर सबसे ज्यादा जोर दिया जाए। अगर गुणवत्ता पर जोर नहीं दिया गया तो सहकारिता क्षेत्र मार्केट में अपने आप को स्थापित नहीं कर पाएगा और सरकार पर निर्भर हो जाएगा। सरकार का उद्देश्य सहकारिता को प्रोत्साहित करना है, पंगु बनाना नहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जरूरी है कि सहकारिता से जुड़े उत्पाद और सेवाएं हमारे दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनें।  नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी योजना के माध्यम से उन चुनौतियों और समस्याओं का सामना किया जा सकता है जो सिर्फ देश ही नहीं बल्कि दुनिया की भी चुनौतियां हैं। सहकारी संस्थाओं द्वारा नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी योजना में भूमिका निभाने की इच्छा व्यक्त करने पर सीएम ने उम्मीद जताते हुए कहा कि सब मिलकर काम करेंगे तो छत्तीसगढ़ देश भर के लिए रोल मॉडल बनेगा।

इंदिरा गांधी कृषि विवि के स्वामी विवेकानंद सभागार में हुए कार्यक्रम को सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह, भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ के अध्यक्ष डॉ. चन्द्रपाल यादव, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एसके पाटील, पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद छाया वर्मा, भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ के उपाध्यक्ष डॉ. बजेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में सहकारिता से जुड़े लोग मौजूद थे। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ ने किया।