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सीएम हाउस से दूरदराज के गांवों तक हरेली तिहार के रंग बिखरे, मुख्यमंत्री ने गेड़ी चलाई, सजे-धजे बैलगाड़ी पर सवार होकर मंत्री-विधायक के साथ हरेली यात्रा में शामिल हुए

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सीजी न्यूज रिपोर्टर

सावन की फुहारों के बीच पूरे छत्तीसगढ़ में हरेली पर्व का सतरंगी उल्लास छाया रहा। राज्य बनने के 19 सालों में पहली बार छत्तीसगढ़ के हर जिले, शहर और गांव में यहां की परंपरा, लोक कला और छत्तीसगढ़ी खेलों के रंग नजर आए। गांव-गांव में उत्साह और उमंग के माहौल में छत्तीसगढ़ की संस्कृति बिखरी। वीवीआईपी एरिया के सीएम हाउस से लेकर दूरदराज के गांव, शहर और जिला मुख्यालय में हरेली पर्व का उमंग देखा गया। गेड़ी पर चलते लोगों के साथ छत्तीसगढ़ी गीत-संगीत के साथ लोक नृत्य कलाकार झूमते रहे। छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्टॉलों पर लोगों ने ठेठरी, खुरमी, चीला और बबरा का स्वाद चखा। बिल्लस, कबड्‌डी, गेड़ी दौड़ प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। हर जगह खालिस छत्तीसगढ़ी अंदाज में हरेली पर्व के उल्लास और उमंग में लोग झूमते रहे।

राजधानी स्थित मुख्यमंत्री निवास में हरेली के पारंपरिक पर्व की इंद्रधनुषी छटा बिखरी। खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी हरेली पर्व की खुशियों में शामिल हुए। छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों, लोक नर्तकों, लोक गायकों ने इस पर्व को नया कलेवर दे दिया। लगभग 5 सौ लोक नर्तकों ने पारंपरिक वेशभूषा में वाद्य यंत्रों और साज सज्जा के साथ गेड़ी, बैलगाड़ी के साथ यात्रा की । छत्तीसगढ़ महतारी की वंदना के साथ कलाकार ’अरपा पैरी के धार’ जैसे मधुर गीतों, झांझर, मांदर और गुदुम बाजा के साथ हरेली गीत गाते रहे। लोक नर्तक दलों ने गेड़ी , करमा, सुआ ,राउत नाचा ,पंथी नृत्य और गौरी -गौरा नृत्य प्रस्तुत किया।

राजधानी स्थित मुख्यमंत्री निवास में हरेली के पारंपरिक पर्व की इंद्रधनुषी छटा बिखरी। खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी हरेली पर्व की खुशियों में शामिल हुए। छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों, लोक नर्तकों, लोक गायकों ने इस पर्व को नया कलेवर दे दिया। लगभग 5 सौ लोक नर्तकों ने पारंपरिक वेशभूषा में वाद्य यंत्रों और साज सज्जा के साथ गेड़ी, बैलगाड़ी के साथ यात्रा की । छत्तीसगढ़ महतारी की वंदना के साथ कलाकार ’अरपा पैरी के धार’ जैसे मधुर गीतों, झांझर, मांदर और गुदुम बाजा के साथ हरेली गीत गाते रहे। लोक नर्तक दलों ने गेड़ी , करमा, सुआ ,राउत नाचा ,पंथी नृत्य और गौरी -गौरा नृत्य प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सीएम हाउस में सबसे पहले स्कूली बच्चों से मुलाकात की और बच्चों को हरेली की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कृषि यंत्रों नागर, कुदाली, फावड़ा, गैती की विधि-विधान से पूजा कर हरेली जोहार कार्यक्रम का शुभारंभ किया। हरेली यात्रा के माध्यम से मुख्यमंत्री अपने मिंत्रमंडल के सदस्य ताम्रध्वज साहू, कवासी लखमा और विधायक सत्यनारायण शर्मा के साथ सजे-धजे बैलगाड़ी पर सवार होकर मुख्यमंत्री निवास से निकले। हरेली यात्रा गांधी उद्यान तिराहे से होते हुए साक्षरता तिराहा पहुंची।

मुख्यमंत्री ने हरेली यात्रा का शुभारंभ हल उठाकर किया। मुख्यमंत्री बैलगाड़ी पर सवार होकर हरेली यात्रा में शामिल हुए। यात्रा में बैलगाड़ियों का कारवां शामिल था जिसमें बड़ी संख्या में लोक कलाकार शामिल थे। मुख्यमंत्री ने हरेली की पूजा के बाद सावन झूले में बहनों से मुलाकात की। उन्होंने मंत्री कवासी लखमा और विधायक सत्यनारायण शर्मा के साथ सावन के झूले का आनंद भी लिया।

सीएम हाउस में सबसे पहले स्कूली बच्चों से मुलाकात की और हरेली की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कृषि यंत्रों नागर, कुदाली, फावड़ा, गैती की विधि-विधान से पूजा कर हरेली जोहार कार्यक्रम का शुभारंभ किया। हरेली यात्रा के माध्यम से मुख्यमंत्री अपने मंत्रिमंडल के सदस्य ताम्रध्वज साहू, कवासी लखमा और विधायक सत्यनारायण शर्मा के साथ सजे-धजे बैलगाड़ी पर सवार होकर मुख्यमंत्री निवास से निकले। हरेली यात्रा गांधी उद्यान तिराहे से होते हुए साक्षरता तिराहा पहुंची।

मुख्यमंत्री ने हरेली यात्रा का शुभारंभ हल उठाकर किया। मुख्यमंत्री बैलगाड़ी पर सवार होकर हरेली यात्रा में शामिल हुए। यात्रा में बैलगाड़ियों का कारवां शामिल था जिसमें बड़ी संख्या में लोक कलाकार शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने हरेली की पूजा के बाद सावन झूले में बहनों से मुलाकात की। उन्होंने मंत्री कवासी लखमा और विधायक सत्यनारायण शर्मा के साथ सावन के झूले का आनंद भी लिया।