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हरेली पर्व पर दुर्ग में भाजपा का हंगामा, आमंत्रण पत्र में महापौर का नाम न होने पर निगम कमिश्नर को खरीखोटी सुनाई, कार्यक्रम का बहिस्कार किया, कांग्रेस ने किया तीखा पलटवार

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सीजी न्यूज रिपोर्टर

नगर निगम द्वारा आयोजित हरेली कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र में महापौर चंद्रिका चंद्राकर का नाम न होने पर आज भाजपा पार्षदों समेत संगठन पदाधिकारियों ने निगम आयुक्त सुनील अग्रहरि का घेराव कर दिया। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर भाजपा नेताओं ने निगम आयुक्त से जवाब मांगा। एमआईसी सदस्यों के अलावा अन्य भाजपा पार्षदों ने कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देने और इस कृत्य के लिए जनता से क्षमायाचना करने की मांग की। आयुक्त के जवाब से नाराज पार्षदों ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया।

राज्य शासन के निर्देश पर निगम प्रशासन ने पोटिया में हरेली कार्यक्रम का आयोजन किया था। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद भाजपा पार्षदों ने कार्यक्रम के आमंत्रण कार्ड से महापौर चंद्रिका चंद्राकर का नाम गायब करने पर नाराजगी जताई। एमआईसी मेंबर दिनेश देवांगन सहित अन्य पार्षदों ने कहा कि पूरे शहर में कार्ड का वितरण किया गया है। यह शहर की जनता का अपमान है। कार्यक्रम स्थल में इस विवाद के दौरान मंच पर कांग्रेस विधायक अरुण वोरा मौजूद थे। भाजपा पार्षदों ने सवाल किया कि किसके कहने पर महापौर का नाम गायब किया गया।

उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह सब जानबूझकर राजनैतिक साजिश के तहत तो नही किया गया। इस मुद्दे पर मंच से ही स्पष्टीकरण देने की मांग की गई। निगम आयुक्त ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा कि कार्ड में सुधार किया गया है। इस पर भाजपा पार्षदों ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कमिश्नर से पूछा कि जब कार्ड में संशोधन हो गया है तो  आज पार्षदों को संशोधित कार्ड क्यों नहीं दिया गया। भाजपा पार्षदों को आमंत्रित किया गया है। वार्ड के लोगों को भी बांटने के लिए कार्ड का बंडल दिया गया।

इस दौरान अफसरों ने यह कह दिया कि महापौर विदेश प्रवास पर हैं, इसलिए उनका नाम कार्ड में नहीं छपवाया गया। बाद में त्रुटि सुधार किया गया। आयुक्त ने कई बार भाजपा पार्षदों को समझाने का प्रयास किया लेकिन भाजपा पार्षदों की नाराजगी दूर नहीं हुई। भाजपा नेताओं ने कार्ड में महापौर का नाम न होने को अपमानजनक बताते हुए मंचीय कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने भविष्य में इस प्रकार की गलती दोबारा होने पर निगम आयुक्त के खिलाफ उग्र कदम उठाने की चेतावनी भी दी।

विरोध दर्ज कराने वालो में प्रमुख रूप से निगम के एमआईसी सदस्य दिनेश देवांगन, देवनारायण चंद्राकर, गायत्री साहू, रीता सुरेन्द्र बजाज, पार्षद ज्ञानेश्वर ताम्रकार, दिलीप साहू, अरुण सिंह, सविता साहू, अल्का बाघमार, लता ठाकुर, ममता देवांगन, सरोज कांशीराम कोसरे, जिला भाजपा मंत्री संतोष सोनी, लुकेश बघेल, मंडल अध्यक्ष विनायक नातू, सुरेश दीक्षित सहित पोषण साहू, मनमोहन शर्मा, अभिषेक गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।

कांग्रेस पदाधिकारियों ने भी किया तीखा पलटवार

पोटिया में भाजपा नेताओं के हंगामे पर ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष अलताफ अहमद ने तीखा पलटवार किया है। अलताफ ने कहा कि भाजपा नेताओं को यह नहीं भूलना चाहिए कि चंद महीने पहले रमन सरकार के कार्यकाल में महापौर सहित पूरी भाजपा परिषद ने कई बार शहर में हुए निगम के कार्यक्रमों के आमंत्रण पत्र में तत्कालीन कांग्रेस सांसद ताम्रध्वज साहू और विधायक अरूण वोरा का नाम जानबूझकर दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जब महापौर विदेश में हैं तो उनकी उपस्थिति और सहमति के बिना आमंत्रण पत्र में नाम दर्ज कैसे किया जा सकता है। वास्तव में भाजपा नेता विधानसभा चुनाव में हुई करारी पराजय को अभी तक पचा नहीं पाए हैं। उनकी भड़ास बार-बार निकल रही है। भाजपा नेताओं को यह नहीं भूलना चाहिए कि आमंत्रण पत्र में सिर्फ 3 कांग्रेस नेताओं के नाम थे। कार्ड में ज्यादातर नाम भाजपा पार्षदों के नाम थे। कार्ड में महापौर का नाम न होने पर साजिश के आरोप लगाना सरासर गलत है।