Breaking News

Top News

हर 5 गांव में नियुक्त होगी एक बैंक सखी, पेंशन के साथ मनरेगा की मजदूरी का भुगतान गांव में ही करेंगी, बुजुर्ग, दिव्यांगों को घर पहुंच सेवा, लेन-देन के लिए नहीं जाना पड़ेगा बैंक

Share Now

सीजी न्यूज रिपोर्टर

ग्रामीणों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन और मजदूरी के लिए अब बैंक नहीं जाना पड़ेगा। मजदूरी और पेंशन राशि का भुगतान गांव में ही होगा। इस कार्य के लिए हर 5 गांव में एक बैंक सखी की नियुक्ति होगी। बुजुर्ग, दिव्यांग और अक्षम लोगों के घर पहुंचकर उन्हें पेंशन की राशि दी जाएगी। गांव-गांव तक बैंकिग सुविधा पहुंचाने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत स्वसहायता समूह की महिलाओं को बैंक सखी के रूप में नियुक्त करने का काम शुरू कर दिया है।

वर्तमान में प्रदेश में 604 महिलाएं बैंक सखी के रूप में गांवों में सेवाएं दे रही हैं। करीब 1600 अन्य महिलाओं को भी  प्रशिक्षित किया जा चुका है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने सभी पंचायतों में बैंक सखी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। सिंहदेव ने बैंक सखी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इसके काफी उत्साहजनक परिणाम आ रहे हैं और लोग इस सुविधा से बहुत खुश हैं। हितग्राहियों को बिना समस्या के नियमित रूप से पेंशन राशि मिल रही है। मनरेगा जैसी योजनाओं में मजदूरी का भुगतान भी हो सकता है।

इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार भी मिलेगा। बस्तर में हाट-बाजारों में बैंक सखी की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी ताकि वहां भी पेंशन और मजदूरी का भुगतान किया जा सके। बैंक आने-जाने में लोगों का धन, श्रम और समय की  बचत होगी। इससे बैंकों पर दबाव भी कम होगा।‘आपका बैंक आपके द्वार’ के ध्येय से सरकार औसतन पांच ग्राम पंचायतों के लिए एक बैंक सखी नियुक्त करेगी। बैंक सखी के माध्यम से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आजीविका कार्यों में लगीं स्वसहायता समूह की महिलाएं भी अपना वित्तीय लेन-देन गांव में ही कर सकेंगी।

बैंक सखी एंड्राइड मोबाइल, सिम कॉर्ड और बायोमेट्रिक डिवाइस के साथ गांव-गांव जाकर मोबाइल बैंकिंग यूनिट के रूप में सेवाएं देंगी। बैंक सखी के रूप में कार्यरत महिलाओं को उनकी सेवाओं के एवज में लोगों को किए गए भुगतान की राशि का आधा प्रतिशत उन्हें कमीशन मिलेगा। एक वित्तीय लेन-देन पर कमीशन की अधिकतम सीमा 15 रूपए निर्धारित की गई है। बस्तर संभाग के चार जिलों दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर के दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में आवागमन की समस्या के कारण वहां हाट-बाजारों में बैंक सखी मौजूद रहेंगी।