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संकल्प, ईमानदारी, मेहनत और अर्जुन जैसी नजर रखकर स्टूडेंट्स भेद सकते हैं लक्ष्य

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इंदु आईटी स्कूल में जनजागरूकता कार्यक्रम दुर्गुण रहित भिलाई अभियान के तहत एक दिवसीय कार्यशाला में विद्यार्थियों से नशा, मोबाइल के खतरनाक गेम जैसे दुर्गुणों से दूर रहने का आव्हान किया गया। कार्यशाला में दुर्ग जिले के एडिशनल एसपी रोहित झा ने छात्रों को सोशल मीडिया पर हो रहे सायबर क्राइम, यातायात सुरक्षा कानून और जीवन के लक्ष्य निर्धिरत कर आगे बढ़ने की नसीहत दी। झा ने कहा कि संकल्प, ईमानदारी, मेहनत और लक्ष्य भेदने के लिए अर्जुन की नजर जरूरी है।

झा ने कहा कि अगर युवा पीढ़ी मोबाइल व इंटरनेट के दुष्चक्र में पड़े रहेंगे तो घंटों तक मोबाइल चैटिंग पर समय गंवाएंगे। ऐसे में कैरियर का लक्ष्य नहीं भेद पाएंगे। बच्चों ने एएसपी से कई सवाल किए। जिसके जवाब देकर बच्चों की जिज्ञासा का समाधान किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी ने छात्र-छात्राओं को स्टडी के साथ-साथ लर्निंग पर भी फोकस करने कहा। विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य तय कर पूरे मनोयोग से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने बताया कि संकल्प शक्ति, अनुशासन और समर्पण जीवन के ऐसे नियम हैं जो व्यक्ति को महान बनाते हैं। हमेशा अच्छे कार्य के प्रति आगे बढ़ना चाहिए। निर्धारित मिलने तक आगे बढ़ते रहना चाहिए। जनसुनवाई फाउंडेशन के समन्वयक संजय मिश्रा ने बच्चों को दुर्गुण रहित अभियान चलाने का उद्देश्य बताते हुए स्वास्थ्य ,शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण , स्थानीय स्व-शासन, नश, बच्चों के दैहिक शोषण, घरेलू हिंसा, दुर्गुणों और कुरीतियों के प्रति सजग रहने कहा। डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी से बचने जागरूकता की अपील की।

महिला काउंसलर निमिषा मिश्रा ने सेल्फ डिफेंस, पास्को एक्ट, डिप्रेशन के बढ़ते कारणों पर प्रकाश डाला। निमिषा ने कहा कि बच्चों को मोरैलिटी और क्वालिटी पर जरूर फोकस करना चाहिए। ऐसा करने से चीजें आसान होंगी। इस अवसर पर स्कूल के डायरेक्टर सर एसएम उमक, मीनल उमक, यशोवर्धन उमक, प्राचार्य आलोक श्रीवास्तव भी उपस्थित थे।