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विश्व आदिवासी दिवस पर मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा की, 2 अक्टूबर से कुपोषण और एनीमिया पीड़ितों को रोज निशुल्क पौष्टिक भोजन, प्री-मैट्रिक छात्रावास के छात्रों की छात्रवृत्ति 700 रूपए से बढ़ाकर एक हजार, 214 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी  

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कोंडागांव में विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में परम्परा के अनुसार सफेद पगड़ी और तीर कमान भेंट कर स्वागत किया गया।

सीजी न्यूज रिपोर्टर

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश को कुपोषण से मुक्त करने बड़ी घोषणा की है। कोंडागांव में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस के समारोह में बघेल ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के अवसर पर आगामी 2 अक्टूबर से छत्तीसगढ़ को कुपोषण से मुक्त करने प्रदेश के सभी आंकाक्षी जिलों में अभियान शुरू होगा। कुपोषण और एनीमिया से पीड़ितों को गक दिन निशुल्क पौष्टिक भोजन दिया जाएगा। सीएम ने प्री-मैट्रिक छात्रावास के छात्रों की छात्रवृत्ति 700 रूपए से बढ़ाकर 1000 रू. और कॉलेज में सीट बढ़ाने की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 3 साल में छत्तीसगढ़ को कुपोषण और एनीमिया से मुक्त किया जाएगा। कार्यक्रम में मांझी, चालकियों का नाम छूटने पर मुख्यमंत्री ने कैबिनेट में निर्णय लेने की बात कही। समारोह में उद्योग मंत्री कवासी लखमा, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, बस्तर सांसद दीपक बैज, कोंडागांव विधायक मोहन मरकाम सहित क्षेत्र के विधायक और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कुपोषण मुक्ति का यह कार्यक्रम जुलाई माह से बस्तर और दंतेवाड़ा जिले के कई पंचायतों में चल रहा है। कुपोषण और एनीमिया मुक्ति के अभियान में जिलों में कार्यरत प्रतिष्ठित चेरिटेबल संस्थाओं, एनजीओ, जन प्रतिनिधियों, मीडिया समूहों और अन्य सामर्थ्य लोगों की ज्यादा से ज्यादा भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और समाज के सभी वर्गो से अभियान में सक्रिय सहभागिता का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार राज्य में 5 साल से कम उम्र के 37.60 प्रतिशत बच्चे कुपोषण से पीड़ित हैं। 15 से 49 वर्ष की 41.50 प्रतिशत बेटियां और माताएं एनीमिया से पीड़ित हैं। कुपोषण और एनीमिया के कारण देश में हर साल लाखों बच्चों की मौत होती है। लाखों बच्चे जन्म के समय से ही कम वजन के होते हैं। उनकी ऊंचाई नहीं बढ़ती और उनके शारीरिक और मानसिक विकास की प्रक्रिया रुक जाती है। इसके लिए अत्यंत गंभीर प्रयासों की जरूरत है। अभियान के लिए धन राशि की जरूरत डीएमएफ, सीएसआर, पंचायतों की मूलभूत मद की राशि या विकास प्राधिकरणों में उपलब्ध आवंटन से हो सकती है।

विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया

मुख्यमंत्री ने कोंडागांव में विकास कार्यों के लिए लगभग 214 करोड़ 71 लाख रूपए की लागत से 72 कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसमें से 45 करोड़ 21 लाख रूपए के काम पूरे हो चुके हैं जबकि 169 करोड़ 49 लाख रूपए के नए विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। इसमें मुख्यमंत्री ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के 55 करोड रूपए के 4 कार्य, लोक निर्माण विभाग के 93 करोड़ रूपए के 17 कार्य, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के 2 करोड़ 58 लाख रूपए के 15 कार्य, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 21 करोड़ 86 लाख रूपए के 15 कार्य, नगर पालिका कोंडागांव में 14 करोड़ 62 लाख रूपए के 5 कार्य, नगर पंचायत फरसगांव में 44 लाख रूपए का एक कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 2 करोड़ 24 लाख रूपए के 7 कार्य, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग के 5 करोड़ 10 लाख रूपए के तीन कार्य, विद्युत विभाग के 2 करोड़ 55 लाख रूपए का एक कार्य, जिला निर्माण समिति कोंडागांव के 2 करोड़ 19 लाख रूपए के 5 कार्य और क्रेडा के 4 करोड़ 9 लाख रूपए के एक कार्य शामिल हैं।