Breaking News

Top News

छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति की जनसंख्या के अनुपात में मिलेगा आरक्षण, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मिनीमाता के स्मृति दिवस समारोह में किया ऐलान, गिरौदपुरी धाम राज्य के प्रमुख स्थल के रूप में विकसित होगा

Share Now

[contact-form][contact-field label=”Name” type=”name” required=”true” /][contact-field label=”Email” type=”email” required=”true” /][contact-field label=”Website” type=”url” /][contact-field label=”Message” type=”textarea” /][/contact-form]

सीजी न्यूज रिपोर्टर

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जातियों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण देने की व्यवस्था की जाएगी। छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद मिनीमाता की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित समारोह में यह घोषणा की। समारोह का आयोजन राजधानी रायपुर के नया बस स्टैंड स्थित मिनीमाता उद्यान में किया गया। मुख्यमंत्री ने मिनीमाता की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी।

बघेल ने कहा कि सतनाम पंथ के प्रवर्तक बाबा गुरु घासीदास की जन्मस्थली और तपोभूमि गिरौदपुरी धाम को गरिमा के अनुसार विकसित किया जाएगा। मिनीमाता की स्मृति में छत्तीसगढ़ में 11 कन्या आश्रम प्रारंभ करने की मांग को राज्य सरकार के आगामी बजट में शामिल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने मिनीमाता गृह निर्माण सहकारी समिति को नया रायपुर में जमीन आवंटित करने की मांग पर भी विचार करने का आश्वासन दिया।

स्व. मिनीमाता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास ने समाज के कमजोर वर्गों के सामाजिक उत्थान के लिए जो कार्य प्रारंभ किए, उन्हें कानूनी जामा पहनाने का काम सांसद के रूप में मिनीमाता ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ मिलकर संसद में किया। संसद में अस्पृश्यता निवारण कानून पारित कराने में उनका महत्वपूर्ण योगदान था। उन्होंने कहा कि मिनीमाता ने अपना पूरा जीवन समाज के लिए समर्पित कर दिया। मिनीमाता हर समाज के लिए संसद में आवाज बुलंद करती थी और उन्हें न्याय दिलाने का भरसक प्रयास करती थी।

कार्यक्रम में विधायक मोहन मरकाम, पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल, राज्यसभा सांसद छाया वर्मा, नगर निगम रायपुर के महापौर प्रमोद दुबे ने भी विचार प्रकट किए। इससे पहले कार्यक्रम में गुरूघासीदास साहित्य एवं संस्कृति समिति के अध्यक्ष केपी खाण्डे ने मांगपत्र प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रदेश में अनुसूचित जातियों को 12 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है जबकि जनगणना के अनुसार छत्तीसगढ़ अनुसूचित जातियों की जनसंख्या 12.8 प्रतिशत है। कार्यक्रम में सुंदर लाल जोगी, डॉ. जेआर सोनी सहित समाज के अनेक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।