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आजादी की लड़ाई के दौर में शिक्षा आंदोलन का केंद्र था सेलूद – सीएम

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सेलूद प्राइमरी स्कूल के शताब्दी वर्ष में शामिल हुए मुख्यमंत्री, डिजि क्लास रूम के लिए 15 लाख और पैवर लगाने व अन्य खर्चों के लिए दिए  8 लाख रुपए

सीजी न्यूज रिपोर्टर

दुर्ग जिले में पाटन ब्लॉक के सेलूद गांव का प्राइमरी स्कूल स्थापना के 100 साल पूरे कर चुका है। स्कूल के स्थापना वर्ष पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए। स्कूल में अब तक 6 हजार से ज्यादा अधिक विद्यार्थी पढ़ाई कर चुके हैं। स्कूल से सैकड़ों लोग शिक्षा हासिल करने के बाद आगे बढ़ चुके हैं। इसलिए स्कूल को शिक्षा एक्सप्रेस भी कहा जाता है। स्कूल के प्रवेश द्वार को शिक्षा एक्सप्रेस का रूप दिया गया है। मुख्यमंत्री ने यहां कार्यक्रम में स्व. उदयराम और अन्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि सेलूद इस अंचल में आजादी की लड़ाई का केंद्र बिंदु था। स्व. उदयराम ने यहीं से शिक्षा आंदोलन की शुरुआत की। गांव-गांव में स्कूल स्थापित हुए। मैं पुरखों को प्रणाम करता हूँ। उन्होंने इतनी अच्छी नींव रखी जिसकी बुनियाद पर अंचल में शिक्षा की ठोस व्यवस्था कायम हो पाई है। हमारा फोकस पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर है। इसके लिए हमने डिजिटल शिक्षा के कई प्रयोग शुरू किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया देखने के साथ हम अपनी मिट्‌टी, अपनी जमीन से भी जुड़े रहें।

सीएम ने आगे कहा कि स्कूल को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का केंद्र बनाने के लिए सभी संसाधन मुहैया कराए जाएंगे। उन्होंने डिजि क्लास रूम के लिए 15 लाख रुपए और अन्य कार्यों के लिए साढ़े 4 लाख रुपये देने की घोषणा के साथ ही सीएम ने कहा कि यहां पैवर ब्लॉक लगाने सहित अन्य कार्यों के लिए 8 लाख रुपए देने की घोषणा की। कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रुद्रकुमार, सांसद विजय बघेल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर अतिथियों ने स्वर्गीय मिनी माता का स्मरण भी किया। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री व अन्य अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किया।