परिवहन मंत्री मो. अकबर की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने कई निर्णय लिए गए।

वन एवं परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने, यातायात नियमों के पालन और सड़कों के रखरखाव पर जोर दिया गया। हर माह एक सप्ताह तक सघन जांच अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। यातायात नियमों के उल्लंघन और वाहन चालन में गड़बड़ी पाए जाने पर वाहन जब्ती और ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने या निलंबन करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू, विधायक अरूण वोरा, कुलदीप जुनेजा, रेखचंद जैन, प्रकाश नायक, मुख्य सचिव सुनील कुजूर, प्रमुख सचिव परिवहन मनोज पिंगुआ, विशेष पुलिस महानिदेशक आरके विज, गृह सचिव अरूण देव गौतम, अतिरिक्त परिवहन आयुक्त एसआरपी कल्लुरी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी और परिषद के सदस्य उपस्थित थे।
बैठक में यातायात सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया गया कि वाहनों की जांच के लिए अब हर माह एक-एक सप्ताह तक पुलिस और परिवहन से संबंधित विभाग सघन अभियान चलाएंगे। यह अभियान एक सप्ताह के भीतर शुरू हो जाएगा। अफसरों को निर्देश दिया गया कि प्रदेश की सड़कों के गड्ढे को भरने का काम 48 घंटे के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए। गड्ढों की भराई का काम परिवहन विभाग को सौंपा गया है।
परिवहन मंत्री ने बैठक में ड्राइविंग लायसेंस और परमिट के अनुसार बस वाहनों के निर्धारित समय और रूट पर बसों के संचालन पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने परिवहन विभाग के अफसरों से कहा कि एक ही रूट पर दो बसों के चालन के बीच कम से कम 10 मिनट का अंतराल होना चाहिए। जारी परमिट के अनुसार बस वाहन का निर्धारित रूट में चालन होना चाहिए।                                                                                           लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने वाहनों में ओव्हरलोडिंग पर कड़ी निगरानी रखने और सड़कों में यातायात संबंधी संकेतकों को स्पष्ट रूप से दर्शाने के संबंध में जरूरी निर्देश दिए। नो-पार्किंग स्थल और सड़क किनारे बेतरतीबी से वाहन खड़ी करने पर संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में सुरक्षित यातायात और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए वाहनों की ओव्हरलोडिंग, नशे में वाहन चालन, वाहन चलाते समय मोबाइल के उपयोग और नाबालिग वाहन चालकों के वाहन चालन पर नियंत्रण जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।