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लगातार दूसरे दिन भी नए राशन कार्ड बांटने की व्यवस्था ठप, शिविर से बैरंग लौटे लोग

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सीजी न्यूज रिपोर्टर। दुर्ग

क्या दुर्ग नगर निगम सचमुच अव्यवस्था, अनियमितता और लापरवाही का सेंटर बन चुका है? हम ये सवाल इसलिए उठा रहे हैं क्योंकि लगातार दूसरे दिन भी राशनकार्ड वितरण के काम में अव्यवस्था रही। नगर निगम ने पहले 2 सितंबर से नए राशन कार्डों के वितरण की व्यवस्था करने का ऐलान किया। 2 सितंबर को लोग शिविर में पहुंचे लेकिन वहां कोई नहीं मिला। गणेश चतुर्थी पर्व के कारण अवकाश होने के बावजूद निगम प्रशासन ने 2 सितंबर से वितरण शुरू करने का ऐलान किया। जिसके कारण लोग बेवजह भटकते रहे। अब लगातार दूसरे दिन यानी 3 सितंबर को भी वही लापरवाही दोहराई गई है।

शंकर नगर वार्ड 12 के पूर्व पार्षद सुरेंद्र बजाज ने बताया कि 3 सितंबर को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक नए राशन कार्डों का वितरण होने की जानकारी समाचार पत्रों और न्यूज पोर्टल से मिली थी। आज निर्धारित शिविर स्थल में निगम का अमला नहीं आया। बजाज ने जब निगम अफसरों को फोन किया तो पता लगा कि कार्ड़ छपकर नहीं आए हैं। जब छपे ही नहीं हैं तो बंटेंगे कैसे?

वार्ड 7 की पार्षद विभा नायक ने बताया कि शिविर में लोगों को राशन कार्ड नहीं मिला। लोग शिविर में पहुंचे लेकिन सभी को वापस लौटना पड़ा। जब निगम अफसरों से बातचीत की तो यह जानकारी दी गई कि शायद कल से बंटेंगे नए कार्ड। विभा ने बताया कि नगर निगम प्रशासन ने पार्षदों को विधिवत रूप से इस संबंध में कोई जानकारी भी नहीं दी है। समाचार माध्यमों से ही राशन कार्ड बंटने की जानकारी मिली है। समाचार छपवाने के बाद नगर निगम का ये हाल है कि राशन कार्ड बंटवाने की व्यवस्था ही नहीं हुई।

मीडिया को नगर निगम के पीआरओ के माध्यम से यह सूचना दी गई थी कि 2 सितंबर को अवकाश के कारण राशन कार्डों का वितरण शुरू नहीं हो पाया। अब 3 सितंबर से दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक कार्ड का वितरण किया जाएगा। शिविर स्थलों की जानकारी भी विस्तार से दी गई। इसके बावजूद लगातार दूसरे दिन भी कार्ड वितरण की व्यवस्था नहीं हो पाई। नयापारा वार्ड 1 के पार्षद लिखन साहू ने बताया कि उन्हें 2 बजे की जगह 3 बजे से कार्ड वितरण की व्यवस्था शुरू होने की जानकारी मिली है। आधी अधूरी व्यवस्था के कारण लोगों को लगातार दूसरे दिन भी भटकना पड़ा।

भाजपा पार्षद ज्ञानेश्वर ताम्रकार ने बताया कि उन्हें अभी तक यह सूचना नहीं मिली है कि वार्ड में नए राशन कार्ड कब से बंटेंगे और कहां बंटेंगे? इस कार्य के लिए किस अधिकारी-कर्मचारी की नियुक्ति की गई है, यह भी नहीं बताया गया है। आज उन्होंने इस संबंध में जानकारी लेने के लिए निगम कमिश्नर को फोन किया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। राशन कार्ड वितरण व्यवस्था को लेकर बार-बार गलत जानकारी देना उचित नहीं है। आम जनता हमसे सवाल पूछ रही है।

इसलिए कह रहे लापरवाही का सेंटर

नगर निगम में फाइल चोरी होना आम बात है। बीते 15 साल में दर्जनों प्रकरणों की फाइलें गायब हो चुकी हैं। दुकानों के आवंटन की टेंडर फाइलें गायब होना, बोरसी में दुकान आवंटन के लिए आवेदन करने वाले सैकड़ों आवेदन और पात्र हितग्राहियों की पूरी लिस्ट गायब होने सहित कई निर्माण कार्यों की फाइलें, नस्तियां गायब हो चुकी हैं। इस संबंध में समाचार पत्रों में लगातार खबरें प्रकाशित हुई। कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति होती रही। कुछ दिन बाद पूरा मामला रफा दफा कर दिया गया। हाल ही में नए कमिश्नर इंद्रजीत बर्मन ने जब विधायक और सांसद निधि के विकास कार्यों की समीक्षा की तो पता चला कि 3 सबइंजीनियरों के पास स्वीकृत विकास कार्यों की फाइलें ही नहीं है। इस मामले में नोटिस भी जारी हुई। कमिश्नर के सख्त प्रशासनिक तेवरों के बावजूद विभागीय अफसरों और कर्मचारियों की लापरवाही कम नहीं हो रही। राशन कार्ड वितरण की व्यवस्था को लेकर दो बार शिविर लगाने की घोषणा करना और उसके बाद लापरवाही बरतने से निगम प्रशासन में व्याप्त लापरवाही, अनियमितता की एक बार फिर पुष्टि हुई है।