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राज्य में कुपोषण और एनीमिया पीड़ितों के आंकड़े झकझोरते हैं, सभ्य समाज को सुख चैन से जीने का अधिकार नहीं – सीएम ने सरपंचों को लिखी चिट्‌ठी

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सीजी न्यूज रिपोर्टर

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि राज्य में कुपोषण के शिकार बच्चों की संख्या और एनीमिया पीड़ित महिलाओं की संख्या इतनी ज्यादा है कि ये आंकड़े किसी भी व्यक्ति की अंतरात्मा को झकझोर सकते हैं। प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों के सरपंचों को चिट्‌ठी लिखकर मुख्यमंत्री ने कहा है कि सभी लोग 2 अक्टूबर से शुरू होने वाले राज्यव्यापी कुपोषण मुक्ति अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। समन्वित प्रयासों से अगले 3 सालों में राज्य को कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर प्रदेश में शुरू होने वाले अभियान में सरपंचों से सक्रिय भागीदारी का आव्हान करते हुए भूपेश ने पत्र में कहा है कि राज्य के 35.60 प्रतिशत छोटे बच्चे कुपोषण से पीड़ित हैं। वहीं 15 से 49 वर्ष की 41.50 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं। ये आंकड़े अन्तरात्मा को झकझोरने वाले हैं और किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को विचलित कर सकते हैं। कुपोषण और एनीमिया के प्रकोप से इतनी बड़ी संख्या में पीड़ित लोगों से भावी पीढ़ी के भविष्य का सहज अंदाज लगाया जा सकता है।

सीएम ने कहा है कि इतनी बड़ी संख्या में बच्चे और बहनें अगर अस्वस्थ रहेंगे तो सभ्य समाज के किसी भी व्यक्ति को सुख-चैन से जीने का नैतिक अधिकार नहीं बनता। राज्य से कुपोषण व एनीमिया को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लेते हुए पूरे राज्य में 2 अक्टूबर से कुपोषण मुक्ति अभियान शुरू किया जाएगा। योजना के अंतर्गत राज्य के शत-प्रतिशत कुपोषित व एनीमिया पीड़ितों को उनकी रूचि और शारीरिक जरूरतों के अनुसार प्रतिदिन निशुल्क भोजन की व्यवस्था की जाएगी।

सीएम ने कहा है कि यह काम सिर्फ शासकीय प्रयासों से सफल नहीं हो सकता। इसमें राज्य के सभी लोगों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। सरपंचों से आग्रह करते हुए सीएम ने कहा है कि वे तन-मन-धन से इस पुनीत कार्य में अपना योगदान दें। बघेल ने विश्वास व्यक्त किया है कि सभी के सहयोग से आगामी 3 वर्षों में राज्य को कुपोषण और एनीमिया से मुक्त करा लिया जाएगा और स्वस्थ छत्तीसगढ़ की कल्पना साकार हो सकेगी।