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मुख्यमंत्री, नगरीय प्रशासन मंत्री, विधायक, महापौर की तस्वीर वाले फ्लैक्स निगम प्रशासन ने हटा दिए

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सीजी न्यूज रिपोर्टर

नगर निगम के इतिहास में आज अजीबोगरीब वाकया हुआ। निगम का उड़नदस्ता आज उन्हीं होर्डिंग्स फ्लैक्स  को हटाने में जुटा रहा जिन्हें खुद निगम प्रशासन ने तैयार कराया था और इन्हें लगाने का काम भी नगर निगम की टीम ने ही किया था। खास बात ये है कि ये होर्डिंग्स स्वच्छता अभियान के संदेशों से संबंधित हैं। इन होर्डिंग्स पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया, विधायक अरूण वोरा और महापौर चंद्रिका चंद्राकर की तस्वीरें हैं।

स्वच्छता का संदेश देने वाले इन होर्डिंग्स को हटाने के पीछे भ्रष्टचार और अनियमितता बताया गया है। इस मामले में नगर निगम के सभापति राजकुमार नारायणी ने बताया कि फ्लैक्स लगाने के नाम पर करीब 40 लाख का बिल भुगतान किया गया। निगम कमिश्नर इंद्रजीत बर्मन से लिखित शिकायत की गई है और और दोषी अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

पूर्व पार्षद विल्सन डिसूजा ने की थी शिकायत, भ्रष्टाचार की जांच की मांग

डिसूजा

सीएम समेत वीआईपी की तस्वीर वाले नगर निगम की इन होर्डिग्स को हटाने का फैसला पूर्व पार्षद विलसन डिसूजा की शिकायत पर लिया गया। विलसन ने कलेक्टर अंकित आनंद से लिखित शिकायत करते हुए बताया कि पूर्व निगम आयुक्त सुनील अग्रहरि के कार्यकाल में लाखों रुपए खर्च कर फ्लैक्स लगवाए। इन सभी फ्लैक्स को प्रतिबंधित पीवीसी से बनाया गया है। निगम के लाइसेंस शाखा प्रभारी चंद्रकांत शर्मा ने इन्हें तैयार करवाया लेकिन इसमें भारी भ्रष्टाचार किया गया।

विल्सन ने बताया कि प्रतिबंधित पीवीसी की दर 15 से 20 रुपए प्रति वर्गफुट है जबकि भुगतान 40 रुपए की दर से किया गया। चालाकी से निगम के दस्तावेजों में पीवीसी से बने फ्लैक्स का उल्लेख नहीं है बल्कि शासन से मान्य फैब्रिक्स से तैयार फ्लैक्स बताया गया है। भ्रष्टाचार करते हुए प्रतिबंधित पीवीसी के फ्लैक्स बनाकर जगह-जगह लगा दिए गए। इस मामले में पूर्व कमिश्नर सुनील अग्रहरि और लाइसेंस शाखा प्रभारी चंद्रकांत शर्मा के विरुद्ध भ्रष्ट आचरण की जांच के बाद उचित कार्रवाई की मांग की गई है।

शिकायत के बाद कलेक्टर अंकित आनंद ने इस मामले में निगम कमिश्नर से जानकारी मांगी। प्रतिबंधित पीवीसी से बने फ्लैक्स को होर्डिंग पर लगाने का पता चलने के बाद निगम कमिश्नर इंद्रजीत बर्मन ने उड़नदस्ते को ऐसे सभी फ्लैक्स हटाने के निर्देश दिए। उड़नदस्ता ने फ्लैक्स हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। आज गांधी प्रतिमा स्थल सहित कई प्रमुख चौक चौराहों पर लगे पीवीसी के फ्लैक्स हटा दिए।

सभापति ने एफआईआर दर्ज करने की मांग की

नारायणी

इधर, नगर निगम के सभापति राजकुमार नारायणी ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत 27 अगस्त को निगम कमिश्नर इंद्रजीत बर्मन से की थी। फ्लैक्स लगाने करीब 40 लाख रुपए से ज्यादा राशि का भुगतान किया गया है। इस मामले की जांच के बाद दोषी अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होना चाहिए। यह सीधे-सीधे आर्थिक भ्रष्टाचार का मामला है। मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री को भी गड़बड़ी के इस मामले की जानकारी दी जाएगी।