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डीकेएस सुपर स्पेश्यलिटी अस्पताल निर्माण में गड़बड़ी की जांच करेंगे मुख्य सचिव, सीएम ने बनाई जांच टीम

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  • सुपर स्पेश्यिलिटी अस्पताल के निर्माण पर हुए संपूर्ण व्यय का 2 माह में सीएजी आडिट कराया जाएगा
  • 97 करोड़ की योजना, 110 करोड़ का भुगतान, 130 करोड़ का भुगतान बकाया
  • जांच टीम में मुख्य सचिव सहित वित्त विभाग के अपर मु्ख्य सचिव, सीएम के प्रमुख सचिव और स्वास्थ्य सचिव भी शामिल

सीजी न्यूज रिपोर्टर

प्रदेश के पहले सरकारी सुपर स्पेश्यलिटी हास्पिटल के निर्माण में गड़बड़ी का पता चला है। रायपुर के डीकेएस सुपर स्पेश्यलिटी हास्पिटल के निर्माण कार्यों में गंभीर वित्तीय अनियमितता की संभावना के कारण मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम गठित की है। जांच टीम हास्पिटल निर्माण में सरकारी धन का अविवेकपूर्ण तरीके से हुए खर्च की जांच करेगी। जांच टीम में अपर मुख्य सचिव वित्त, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री और  स्वास्थ्य सचिव को सदस्य बनाया गया है। समिति सभी बिन्दुओं पर जांच कर एक माह के भीतर रिपोर्टर पेश करेगी।

गौरतलब है कि डीकेएस सुपर स्पेश्यिलिटी अस्पताल की स्थापना के लिए 96 करोड़ 90 लाख रूपए की अनुमानित लागत तय की गई। अस्पताल के लिए 65 करोड़ रूपए का बैंक लोन लिया गया। कर्ज चुकाने के लिए भुगतान की व्यवस्था मरीजों से प्राप्त चिकित्सा शुल्क के माध्यम से करने की योजना बनाई गई। यह मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का पहला अस्पताल है जिसके लिए बैंक से लोन लिया गया। जानकारी के अनुसार अब तक 110 करोड़ रूपए का भुगतान हो चुका है और 130 करोड़ रूपए का भुगतान करना बाकी है।

पहली नजर में इस योजना में आर्थिक अनियमितता और गड़बड़ी का पता चलने के बाद जांच टीम का गठन किया गया है। जांच के दौरान योजना के विभिन्न चरणों में क्रियान्वयन के लिए वित्त विभाग से प्रस्ताव के परीक्षण और अनुमोदन की पड़ताल की जाएगी। 50 करोड़ से ज्यादा राशि की परियोजना होने के कारण मुख्य सचिव से अनुमोदन हुआ या नहीं, जैसे कई विषयों पर जांच होगी। सीएम ने सुपर स्पेश्यिलिटी अस्पताल के निर्माण में हुए व्यय का सीएजी आडिट कराने के निर्देश भी दिए हैं। निर्माण में छत्तीसगढ़ मेडिकल कार्पोरेशन की भूमिका होने के कारण इसका ऑडिट भी साथ-साथ कराया जाएगा।