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पड़ोसी राज्यों से धान की आवक रोकने चेकपोस्ट बनेंगे, 15 अक्टूबर से शुरू होगी कड़ी निगरानी, चीफ सेक्रेटरी ने कलेक्टरों को तैयारी करने कहा

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सीजी न्यूज रिपोर्टर

देश में धान की सबसे ज्यादा कीमत छत्तीसगढ़ में मिलने के कारण पड़ोसी राज्यों से धान की आवक रोकने चेक पोस्ट बनाए जाएंगे। चीफ सेक्रेटरी सुनील कुजूर ने आज कलेक्टर्स कांफ्रेंस में छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिलों में चेक पोस्ट बनाकर कड़ी निगरानी की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। धान खरीदी शुरू होने से 2 महीने पहले ही कलेक्टरों को इसकी तैयारी शुरू करने कहा गया है। भूपेश सरकार ने किसानों का धान ढाई हजार रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदने का ऐलान किया है।

सूत्रों के अनुसार कोचिये अभी से धान खपाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। प्रदेश में सबसे ज्यादा कीमत में खरीदी होने के कारण यहां बड़े पैमाने पर पड़ोसी राज्यों का धान खपाया जा सकता है। चीफ सेक्रेटरी ने सभी कलेक्टरों से कहा है कि सीमावर्ती राज्यों से लगे जिलों के धान उपार्जन केन्द्रों की निगरानी के लिए 15 अक्टूबर से चेक पोस्ट शुरू हो जाना चाहिए। इन क्षेत्रों के धान खरीदी केन्द्रों की निगरानी के लिए अलग से अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। चीफ सेक्रेटरी ने पड़ोसी राज्यों का धान प्रदेश में बेचने के प्रयासों पर कड़ाई से रोक लगाने के निर्देश दिए।

कुजूर ने कहा है कि इस माह के अंत तक शत-प्रतिशत गिरदावरी का काम पूरा होना चाहिए। गिरदावरी के आधार पर ही किसानों की उपज का आकलन किया जाएगा। धान खरीदी के दौरान धान खरीदी के लक्ष्य में संशोधन के प्रस्ताव मान्य नहीं होंगे। सिंचित एवं असिंचित क्षेत्र में उपज के उत्पादन का आंकलन, दलहन-तिलहन, मक्का, गन्ना आदि के क्षेत्रफल का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अपर मुख्य सचिव कृषि केडीपी राव, खाद्य सचिव डॉ.कमलप्रीत सिंह, राजस्व सचिव एनके खाखा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सचिव टीसी महावर, सामान्य प्रशासन सचिव रीता शांडिल्य, नगरीय प्रशासन एवं विकास सचिव अलरमेल मंगई डी, खनिज साधन विशेष सचिव अन्बलगन पी, छत्तीसगढ़ राज्य विपणन सहकारी संघ की संचालक शम्मी आबिदी सहित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

4 जिलों में रिकॉर्ड अपडेट नहीं, मुआवजा देने में देरी, चीफ सेक्रेटरी ने नाराजगी जताई

भू-अर्जन के मुआवजा वितरण के प्रकरण पेंडिंग रहने पर मुख्य सचिव ने नाराजगी जताई है। बलरामपुर, मुंगेली, कबीरधाम, बालोद जिले में रिकार्ड अपडेट न होने के कारण मुआवजा वितरण में देरी की जानकारी मिलने पर मुख्य सचिव ने नाराजगी जताते हुए कलेक्टरों से कहा है कि मुआवजा वितरण का काम तेजी से होना चाहिए।

राजस्व वसूली तेजी से करें

राज्य में 18 हजार 201 प्रकरणों में 289 करोड़ रूपए की वसूली करना है। रायपुर, रायगढ़, दुर्ग, बस्तर, बिलासपुर, महासमुंद, मुंगेली, बेमेतरा में वसूली के ज्यादा प्रकरण पेंडिंग हैं। उन्होंने राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। पूरे राज्य में वर्तमान और पूर्व पंचायत पदाधिकारियों से 34 करोड़ 23 लाख रूपए की वसूली करना है। यह काम भी प्राथमिकता से करने कहा गया। चीफ सेक्रेटरी ने बताया कि इस साल 4 सितम्बर से पर्यावरण एवं अधोसंरचना उपकर की राशि में बढ़ोत्तरी की गई है। पूर्व में 7.50 रूपए अधोसंरचना और 7.50 रूपए पर्यावरण उपकर इस तरह कुल 15 रूपए वसूले जाते थे। अब यह राशि बढ़कर 11.25 रूपए अधोसंरचना और 11.25 रूपए पर्यावरण उपकर (कुल 22.50 रूपए) की वसूली की जाएगी।