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सीएम की अपील पर अति गंभीर कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाने बढ़ने लगे सहयोग के हाथ, आप भी जुड़ें अभियान से

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  • रायपुर के अधिकारी, कर्मचारियों ने स्वेच्छा से कोष बनाकर 8 लाख 82 हजार रुपए जमा किए

  • औद्योगिक व्यवसायिक संगठनों ने कुपोषित बच्चों को गोद लेकर सहयोग राशि देने का ऐलान किया

  • कोष में सहयोग राशि जमा कर आप भी जुड़ सकते हैं इस पुनीत अभियान में

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सीजी न्यूज रिपोर्टर

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप रायपुर जिले को कुपोषण मुक्त बनाने पहले चरण में अति गंभीर बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने का वर्कप्लान तैयार किया गया है। जिले में अभियान के लिए एक कोष बनाया गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों ने कुपोषण के खिलाफ जंग लड़ने के लिए 8 लाख 82 हजार रूपये की राशि स्वेच्छा से दान की है। कुपोषण से लड़ाई लड़ने के अभियान में अब व्यवसायिक, सामाजिक संगठन भी सहयोग के हाथ बढ़ाने लगे हैं। इस अभियान से जुड़ते हुए औद्योगिक इकाइयों ने भी जनसहयोग की बड़ी पहल की है।

कलेक्टर ने बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने औद्योगिक संस्थानों की बैठक लेकर सहयोग देने कहा। कलेक्टर की अपील पर स्पंज आयरन उद्योग ने कुपोषण से मुक्ति दिलाने 586 बच्चों को गोद लिया। महिन्द्रा स्पंज, एसकेएस इस्पात, हाईटेक एवं नंदन ग्रुप, रीयल ग्रुप ने 50-50 बच्चों को गोद लिया। देवी ग्रुप, संभव स्पंज, वंदना ग्लोबल ने 31-31 बच्चों को गोद लिया। गोपाल ग्रुप, नकोड़ा ग्रुप, आरती ग्रुप, धनकुंन ग्रुप ने 25-25 बच्चों, श्री हरे कृष्णा ग्रुप, रामा ग्रुप ने 21-21 बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने गोद लेने का फैसला किया।

इसी तरह रश्मि ग्रुप, भगवती पावर, जीआर ग्रुप, वासवानी इंडस्ट्रीज ने 20-20 बच्चों, त्रिमुला स्पंज, सुनील स्पंज, ड्रोलिया इलेक्ट्रो, सीता स्पंज ने 15-15 बच्चों और पीडी इंडस्ट्रीज ने 11 बच्चों को गोद लिया है। कलेक्टर ने मंगलवार को  पेट्रोल-गैस एसोसिएशन और राईस मिल एसोसिएशन की बैठक ली जिसमें दोनों व्यवसायिक संगठनों ने 100-100 बच्चों को गोद लेने की जानकारी देते हुए इसके लिए सहयोग राशि देने का निर्णय लिया।

कलेक्टर ने बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के अभियान में सहयोग देने के लिए सभी औद्योगिक, व्यवसायिक संगठनों को धन्यवाद दिया है। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गौरव सिंह और अपर कलेक्टर विनीत नंदनवार सहित अन्य अफसर मौजूद थे। बता दें कि कलेक्टर ने अभियान में सहयोग के लिए अधिकारी-कर्मचारी, चैरीटेबल संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों, एनजीओ, समर्थ वर्ग और नागरिकों से आग्रह किया था। कलेक्टर ने राज्य के सभी नागरिकों से इस अभियान में जुड़ने की अपील की है।