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एनजीटी के निर्देशों का उल्लंघन कर रहा है नगर निगम – वोरा

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पार्षद बोले विसर्जन के नाम पर तमाशा, निगम की व्यवस्था से जल संरक्षण नहीं होगा

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सीजी न्यूज रिपोर्टर

नगर निगम प्रशासन एनजीटी के नियमो की धज्जियां उड़ा रहा है। प्रदूषण रोकने निगम के इंतजामों से नदी व तालाब का प्रदूषण नहीं रुकेगा। विधायक अरूण वोरा सहित कांग्रेस पार्षदों ने शहर के तालाबों में विसर्जन की तैयारी का निरीक्षण करने के बाद कहा कि जल प्रदूषण रोकने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने गाइडलाइन जारी की है। बाकायदा नियम बनाकर नदी तालाब का पानी प्रदूषित होने से रोकने कड़े उपाय करने के निर्देश दिए हैं। निगम प्रशासन इन नियमों का मखौल उड़ा रहे हैं।

वोरा ने बताया कि विसर्जन स्थलों पर 5 बाई 5 का हरा मेट लगा कर पर्यावरण संरक्षण करने का दिखावा किया जा रहा है। नदी व तालाबो में विसर्जन कुंड के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और पहुंच मार्ग की बेहतर व्यवस्था करना चाहिए। ये जरूरी व्यवस्थाएं नहीं की गई हैं। विसर्जन स्थलों की तैयारी देखने विधायक के साथ पार्षद राजेश शर्मा अब्दुल गनी, धीरज बाकलीवाल, सीजू एंथोनी मौजूद थे

नगर निगम ने चार जगह बनाए हैं विसर्जन स्थल – बर्मन
शहर में स्थापित गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन करने नगर निगम ने चार स्थानों पर व्यवस्था की है। निगम आयुक्त इंद्रजीत बर्मन ने बताया कि निगम सीमा क्षेत्र के अंतर्गत ठगड़ा बांध पद्मनाभपुर, शिवनाथ नदी पुल, कसारीडीह तालाब, उरला बांधा तालाब में गणेश प्रतिमा विर्सजित करने की व्यवस्था की गई है। विसर्जन स्थलों पर 20 अधिकारियों, कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
कमिश्नर ने बताया कि बांध और तालाबों तक पहुंच मार्ग को व्यवस्थित करने, गड्डे की फिलिंग करने, ऊबड़खाबड़ मार्ग का समतलीकरण करने और मूर्ति विर्सजन के लिए अस्थायी कुण्ड निर्माण करने कहा गया है। विर्सजन के दौरान पूजा अर्चना के लिए शामियाना पंडाल और कुर्सी टेबल की व्यवस्था, विसर्जन स्थलों पर कचरा रखने डस्टबिन की व्यवस्था करने कहा गया है। मूर्ति विर्सजित स्थल पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, बैटरी, माईक आदि की व्यवस्था, नाव और गोताखोर की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं।

बर्मन ने बताया कि बड़ी मूर्तियों का विर्सजन करने क्रेन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। पर्यावरण की सुरक्षा और जल संरक्षण की दृष्टि से शासन के दिशानिर्देशों के तहत मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं का विर्सजन करने चार स्थानों पर अस्थायी कुण्ड बनाया गया है। उन स्थलों पर पर्याप्त सुविधा और व्यवस्था की गई हैं। उन्होंने नागरिकों से निर्धारित चारों स्थलों पर ही गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन कर जल संरक्षण में सहयोग देने की अपील की है।