Breaking News

Top News

बस्तर अंचल में इसी साल होगा शत-प्रतिशत टीकाकरण – सिंहदेव

Share Now

आदिवासी अंचलों में टीकाकरण करने जगदलपुर में राज्य स्तरीय कार्यशाला

132.jpg

सीजी न्यूज रिपोर्टर

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा है कि बस्तर अंचल में शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य इसी साल हासिल कर लिया जाएगा। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और हजारों मितानिनों के हौसले के बल पर यह लक्ष्य हासिल किया जाएगा। सिंहदेव आज जगदलपुर कृषि महाविद्यालय के प्रेक्षागृह में आदिवासी अंचलों में टीकाकरण का सुदृढ़ीकरण करने राज्य स्तरीय कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यशाला में बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष और बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल, सांसद दीपक बैज,  भानुप्रतापपुर के विधायक मनोज मंडावी, महापौर जतिन जायसवाल विशेष रूप से मौजूद थे।

133.jpg

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के मैदानी क्षेत्रों की तुलना में बस्तर अंचल की भौगोलिक, सामाजिक और पारम्परिक परिस्थितियां भिन्न हैं। ये परिस्थितियां कठिन हैं, लेकिन अंसभव नहीं है। जब हमने इन क्षेत्रों के गांवों में राशन पहुंचा दिया है, सुकमा जैसे जिले में जैपनीज इनफ्लाईटिस के 70 हजार टीके लगा सकते हैं और स्वास्थ्य कार्यकर्ता और मितानिन कठिन परिस्थितियों में काम कर 70 प्रतिशत टीकाकरण कर सकते हैं, तो शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि किस गांव या इलाके के बच्चे टीकाकरण से छूट रहे हैं, यह स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पता है। इन बच्चों और माताओं तक कैसे पहुंचा जाए, इसके लिए सही और ठोस रणनीति बनाने की जरूरत है। जहां सबसे कम टीकाकरण होगा, वहां वे खुद जाएंगे। कार्यशाला में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने बस्तर अंचल में काम कर रहे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को विशेष प्रोत्साहन देने की मांग की। स्वास्थ्य मंत्री ने उनकी मांग पर विचार करने की बात कही।

आदिम जाति कल्याण, स्कूल शिक्षा तथा बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कार्यशाला में कहा कि  ग्रामीण अंचलों में टीकाकरण को लेकर अनेक भ्रांतियां है। टीकाकरण के कारण यदि कभी किसी बच्चे को बुखार आ जाए या दर्द होने लगे तो लोग टीकाकरण से बचना चाहते हैं। लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। कार्यशाला को भानुप्रतापपुर के विधायक मंनोज मंडावी और भारत में  यूनिसेफ के प्रतिनिधि भृगु कपूरिया, कोण्डागांव कलेक्टर नीलकंठ टेकाम, कांकेर के कलेक्टर केएल चौहान, सुकमा के कलेक्टर चंदन कुमार ने भी शत-प्रतिशत टीकाकरण को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।

माइक्रो प्लानिंग की जरूरत

स्वास्थ्य विभाग की सचिव निहारिका बारिक सिंह ने कार्यशाला में बताया कि हर साल छत्तीसगढ़ में 6 लाख 22 हजार बच्चे पैदा होते हैं। प्रदेश में पिछले वर्ष 91 प्रतिशत टीकाकरण हुआ। बस्तर अंचल में टीकाकरण का प्रतिशत 69 है। शतप्रतिशत टीकाकरण के लिए माइक्रो प्लानिंग की जरूरत है। कार्यशाला में बस्तर संभाग के कमिश्नर अमृत खलखो,  स्वास्थ्य संचालक नीरज बंसोड़, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला, बस्तर के कलेक्टर डॉ. अय्याज तम्बोली, नारायणपुर के कलेक्टर पीएस एल्मा, बीजापुर के कलेक्टर केडी कुंजाम, डॉ टीआर चटर्जी, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के जनजातीय विशेषज्ञ और राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. अमर सिंह ठाकुर सहित स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला, चिकित्सक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और मितानिन उपस्थित थे।