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मुख्यमंत्री आज भिलाई में छत्तीसगढ़ी में पढ़ाएंगे – भौंरा, ‘नींव और भाषा पिटारा’ कार्यक्रम भी शुरू होगा

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 19 सितम्बर को भिलाई में स्कूल शिक्षा विभाग और लैंग्वेज लर्निंग फांउडेशन के ‘नींव और भाषा पिटारा’ कार्यक्रम शुरू करेंगे। कार्यक्रम में सीएम अटल टिंकरिंग लैब और सोया मिल्क वितरण की शुरुआत भी करेंगे।  इसके अलावा नींव कार्यक्रम से संबंधित सामग्री और भाषा पिटारा का विमोचन करेंगे। मुख्यमंत्री प्राथमिक शाला के बच्चों को छत्तीसगढ़ी में भौंरा पाठ पढ़ाएंगे।

बच्चों के साथ भौंरा चलाने की गतिविधि के साथ किसका भौंरा ज्यादा देर तक टिकता है, जैसी गतिविधियों के साथ भाषा और गणित को एक साथ पढ़ाने का रोचक तरीका बताएंगे। वे अटल टिंकरिंग लैब के उद्घाटन के साथ बच्चों से विज्ञान शिक्षण के बारे में बात करेंगे। इस मौके पर राज्य में विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा देने कबाड़ से जुगाड़ मॉडल का प्रदर्शन होगा। जिले में गणित लैब के लिए तैयार विभिन्न सामग्री का प्रदर्शन भी किया जाएगा।

क्या है भाषा पिटारा

भाषा एवं साक्षरता संबंधित चुनौतियों के समाधान और गुणवत्ता से विकास के लिए भाषा पिटारा तैयार किया गया है। इस संग्रह में प्रारंभिक भाषा शिक्षण से जुड़े कुल 10 मुख्य विषय हैं। मौखिक भाषा विकास, ध्वनि जागरुकता, उभरती साक्षरता, शब्द भंडार, डिकोडिंग, पठन और उसकी रणनीतियां, पढ़कर समझना, लेखन सीखना और अकादमिक सहयोग जैसे विषयों पर 48 हैंडआउट और 4 गतिविधि संग्रह हैं। इसमें मौखिक भाषा विकास की गतिविधियां, ध्वनि जागरुकता की गतिविधियां, शब्द भंडार के विकास की गतिविधियां, डिकोडिंग सिखाने की गतिविधियां हैं।

नींव कार्यक्रम से 4 हजार बच्चों को लाभ

राजीव गांधी शिक्षा मिशन एवं राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् रायपुर ने लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन के साथ मिलकर दुर्ग जिले के पाटन और दुर्ग ब्लाक के 200 स्कूलों में नींव कार्यक्रम शुरू किया है। इससे वर्ष के अंत तक 4 हजार बच्चे लाभान्वित होंगे। वर्ष 2021 तक दुर्ग जिले के लगभग सभी स्कूलों में संचालित किया जाना है। लगभग 20 हजार बच्चों को लाभ मिलेेगा। कार्यक्रम से बच्चों के हिंदी भाषा विकास और साक्षरता कौशलों में विशेष सुधार होगा। कक्षा 2 के अंत तक बच्चे अपने स्तर के पाठ प्रवाहपूर्वक पढ़ सकेंगे और अपने अनुभव के आधार पर उससे अर्थ निर्माण कर पाएंगे। अपने अनुभव, विचार, कल्पना, और भाव को वाक्यों में लिखने में सक्षम होंगे।