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सीएम का सवाल, नए रेल प्रोजेक्ट और कोल ब्लाक से छत्तीसगढ़ को क्या मिलेगा ? अफसरों की टीम बनाकर सर्वे करने कहा, राज्य को होने वाले नफे-नुकसान की रिपोर्ट मांगी

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बैठक में बोले, राज्य का कोयला स्थानीय उद्योगों को नहीं मिल रहा, दूसरे राज्यों में कैसे सप्लाई हो जाएगा, पर्यावरण को नुकसान होगा, लोग विस्थापित होंगे, रोजगार भी नहीं मिलेगा

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छत्तीसगढ़ में नए कोल ब्लॉक और नई रेल परियोजनाओं को लेकर आज विस्तृत समीक्षा में तीखे सवाल किए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साफ कहा कि प्रदेश और यहां के लोगों का हित छत्तीसगढ़ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में हुई बैठक में छत्तीसगढ़ में रेल परियोजनाओं और यात्री सुविधाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अफसरों से पूछा कि इन परियोजनाओं से छत्तीसगढ़ को क्या फायदा होगा। यहां के लोगों को क्या लाभ मिलेगा। लोगों को क्या यात्री परिवहन की सुविधा भी मिलेगी। कितने लोगों को रोजगार दिया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की कोयला खदानों में उत्पादित कोयले के परिवहन के लिए रेल परियोजनाओं को शुरू  किया जा रहा है। राज्य को मुख्य रूप से कोयले की रायल्टी मिलेगी। नए कोल ब्लाकों से निकला कोयला गुजरात, हरियाणा, पंजाब, उप्र और राजस्थान जैसे राज्यों को भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा कोयला छत्तीसगढ़ के उद्योगों को नहीं मिल पा रहा है। इसी कारण कई उद्योग बंद हो गए हैं। हमारे कोयले से दूसरे राज्यों में उद्योग चलेंगे। यही हाल रहा तो भविष्य में हमें अपना ही कोयला फिर खरीदने की नौबत आ जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयला खदान घने जंगलों के बीच स्थित हैं। कोल ब्लॉक विकसित करने जंगल उजड़ेंगे। खदानों और नई रेल लाइनों से लोगों को विस्थापित करना पड़ेगा। पर्यावरण को बड़ा नुकसान होगा। इसके बदले में काफी कम रायल्टी मिलेगी। उन्होंने मुख्य सचिव से कहा कि रेल परियोजनाओं और कोल ब्लॉक विकसित करने से पर्यावरण को होने वाले नुकसान, जनजीवन पर असर, रोजगार के अवसर, छत्तीसगढ़ को होने वाले लाभ और जनता के हित के बारे में अगले 15 दिनों में अधिकारियों की टीम बनाकर सर्वेक्षण किया जाए।
बैठक में ईस्ट रेल कारिडोर, ईस्ट वेस्ट रेल कॉरिडोर, दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना, डोंगरगढ़-खैरागढ़-कवर्धा-मुंगेली-तखतपुर-रतनपुर-बेलतरा-कटघोरा रेल लाईन और खरसिया-नया रायपुर-दुर्ग रेल परियोजनाओं पर प्रस्तुतिकरण दिया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हर हाल में छत्तीसगढ़ के हितों का ध्यान रखा जाए। प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग प्रदेश के विकास और स्थानीय लोगों के हित में सुनिश्चित होना चाहिए।  बैठक में कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रवीन्द्र चौबे, आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जयसिंह अग्रवाल, मुख्य सचिव सुनील कुजूर, अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  गौरव द्विवेदी सहित रेल, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक  विकास निगम, छत्तीसगढ़ रेलवे कार्पोरेशन लिमिटेड और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।