Breaking News

Top News

प्रधानमंत्री फसल बीमा का प्रीमियम दूसरे ग्राम पंचायत के नाम से काटा, उपभोक्ता फोरम ने बैंक ऑफ बड़ौदा पर लगाया 1 लाख 6 हजार रुपए का हर्जाना

Share Now

बैंक की लापरवाही से ग्राहक को नहीं मिला  फसल बीमा का लाभ

1210

ऋणी किसान की फसल बीमा प्रीमियम को उसकी कृषि भूमि वाले ग्राम पंचायत की जगह दूसरे ग्राम पंचायत की सूची में दर्ज करने पर जिला उपभोक्ता फोरम ने बैंक आफ बड़ौदा की साजा ब्रांच पर 106000 हर्जाना लगाया है। बैंक की चूक के कारण किसान को बीमा दावा का लाभ नहीं मिला। फोरम के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये व लता चंद्राकर ने बैंक ऑफ बड़ौदा की साजा ब्रांच को सेवा में निम्नता के लिए जिम्मेदार मानते हुए यह फैसला सुनाया।

बेमेतरा जिला के साजा तहसील अंतर्गत ग्राम गोड़मर्रा के किसान ब्रह्मानंद ठाकुर ने बैंक ऑफ बड़ौदा से कृषि ऋण लिया था। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ फसल 2016-17 के लिए ऋणी कृषक का बीमा कराया गया। बैंक ऑफ बड़ौदा ने उसकी कृषि भूमि के लिए 5390 रुपए का बीमा प्रीमियम काटा लेकिन उसके खेत वाले ग्राम पंचायत गोड़मर्रा की जगह गाड़ाडीह के नाम से बीमा कंपनी को प्रेषित कर दिया। ग्राम गाड़ाडीह सूखाग्रस्त घोषित नहीं था जिसके कारण कृषक को बीमा दावा नहीं मिला। कृषक ने बैंक में शिकायत की तब बैंक ने बीमा कंपनी से पत्राचार कर ग्राम पंचायत का नाम गाड़ाडीह की जगह गोड़मर्रा करने का निवेदन किया। इसके बाद भी फसल बीमा की राशि नहीं मिली।

कृषक ने फोरम में इस मामले की शिकायत की। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये और लता चंद्राकर ने प्रकरण की सुनवाई के बाद फैसला किया कि बैंक ने बीमा प्रीमियम गलत ग्राम पंचायत के नाम से काटकर भेजा है। इस मामले में बैंक ही अंतिम रूप से जिम्मेदार है। कुल 1 लाख 6 हजार रुपए क हर्जाना लगाया गया जिसमें बीमा दावा की राशि 95011 रुपए मय ब्याज, मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए 10 हजार रुपए और वाद व्यय के रूप में 1000 रुपए देने का आदेश दिया गया।