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छत्तीसगढ़ में … मानवता और परोपकार का सबसे बड़ा मंदिर

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छत्तीसगढ़ में मानवता, परोपकार और निस्वार्थ सेवा का सबसे बड़ा मंदिर है। अगर आप इस मंदिर को देखना चाहते हैं तो नवा रायपुर अटल नगर में बने श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल चले जाइये। दिल की बीमारी से पीड़ित 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए यह अस्पताल किसी पवित्र मंदिर से कम नहीं है। यहां दिल की बीमारी का निशुल्क इलाज होता है। मरीज की जांच, ऑपरेशन, दवा, रहना-खाना सब फ्री। आधुनिकतम सुविधाओं के साथ पूरी तरह निशुल्क इलाज।

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सफल आपरेशन के बाद दो मासूम बच्चों से मिलती हुई राज्यपाल अनसुइया उइके

पूरे देश में जब इलाज के नाम पर निजी और सरकारी अस्पतालों में लूट खसोट हो रही हो ,,, जब डॉक्टर इलाज से ज्यादा बिल वसूलने पर ध्यान दे रहे हों,,, जब मिडिल और लोअर क्लास के लोगों को हृदय रोग या ऐसी किसी गंभीर बीमारी के इलाज में जमीन-मकान बेचना पड़ रहा हो,,, लाखों का कर्ज हो रहा हो ,,, तब ऐसे दौर में… ह़दय रोग से पीड़ित मासूम बच्चों का पूरी तरह निशुल्क इलाज करने वाले सेंटर को अस्पताल कैसे कहेंगे ??? इसे मंदिर ही कहा जाएगा। और… शायद इसीलिए,,, स्टॉफ मेंबर इस अस्पताल को टेंपल आफ हीलिंग (चिकित्सा का मंदिर) कहते हैं।

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दिल की बीमारी से जूझती यह मासूम बच्ची … राज्यपाल से मिलकर अस्पताल के डॉक्टरों और स्टॉफ के प्रति शायद आभार व्यक्त कर रही है ।

रायपुर शहर में पिछले डेढ़ दशक से सबसे आधुनिक और बेहतरीन इलाज की सुविधा वाले एक प्राइवेट अस्पताल पर गौर करें। दो-दो भगवानों के नाम वाले इस अस्पताल में इलाज की सबसे उम्दा सुविधाएं हैं। हृदय रोग या दूसरी गंभीर बीमारी का इलाज कराने भरती होने पर सिर्फ एक या दो दिनों में अस्पताल का बिल एक लाख रुपए तक भरना पड़ता है। ज्यादा गंभीर बीमारी होने पर इससे डेढ़ या दो गुना तक बिल जमा करो। जब पैसा जमा करेंगे, तभी इलाज शुरू होगा। यहां आयुष्मान या स्मार्ट कार्ड से इलाज की सुविधा भी नहीं है, सिर्फ कैश।

दूसरी ओर, श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल का कोना-कोना घूम लीजिये, यहां कहीं पर भी कैश काउंटर नहीं मिलेगा। न कैश काउंटर, न आयुष्मान कार्ड, न स्मार्ट कार्ड,,, न धर्म, न जातपांत, न अमीर-गरीब। कोई वीआईपी कल्चर नहीं। कोई भेदभाव नहीं। सबका इलाज एक जैसा। यहां इलाज करने वाले डॉक्टर और स्टॉफ कैश पर नहीं … सिर्फ सेवा भावना पर ध्यान देते हैं।

अब तक देश भर से आए हृदय रोग से पीड़ित 5 हजार से ज्यादा लोगों का निशुल्क आपरेशन हो चुका है। अकेले छत्तीसगढ़ से करीब 16 सौ से ज्यादा लोगों का सफल आपरेशन हो चुका है। निजी अस्पताल में हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के ऑपरेशन में 3 लाख से 25 लाख रुपए तक राशि खर्च होती है। लेकिन यहां पूरी तरह निशुल्क इलाज किया जा रहा है। पहले इस अस्पताल में हर आयु वर्ग के लोगों के दिल का इलाज होता था। 2014 से इसे चाइल्ड केयर यूनिट में तब्दील कर दिया गया।

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मानव सेवा और परोपकार का अतुलनीय उदाहरण है श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल – राज्यपाल

संजीवनी अस्पताल में पिछले दो दिनों से पीडियाट्रिक कार्डियक सोसायटी ऑफ इंडिया का 20 वां वार्षिक सम्मेलन चल रहा है, जहां देश भर से 5 सौ से ज्यादा चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉक्टर, सर्जन और एनेस्थिस्योलॉजिस्ट आए हैं। उनके अलावा संयुक्त राष्ट्र अमेरिका, ब्रिटेन, बेल्जियम, आस्ट्रेलिया, कनाडा और तुर्की के 25 अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि विशेषज्ञ अपने अनुभव और ज्ञान को साझा कर रहे हैं। सम्मेलन का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने किया था। दूसरे दिन राज्यपाल अनसुइया उइके ने कार्यक्रम में शिरकत करते हुए अस्पताल में नवनिर्मित ब्लड बैंक और इम्पेक्ट असेसमेंट एंड काउंसलिंग सेंटर का शुभारंभ किया।

इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ का यह बिना कैश काउंटर वाला अनोखा अस्पताल पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुका है। यहां हर साल सैकड़ों बच्चे हृदय रोग का निशुल्क इलाज कराने के बाद स्वस्थ होकर लौटते हैं। राज्यपाल ने आगे कहा कि श्री सत्य साई बाबा कहते थे कि मनुष्य का शरीर परोपकार के लिए है और इस परोपकार एवं निःस्वार्थ सेवा का अनूठा उदाहरण श्री सत्य साई संजीवनी हॉस्पिटल है। संस्था द्वारा किया जा रहा सेवा कार्य मानव सेवा का अतुलनीय उदाहरण है। श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल वास्तव में एक मंदिर है। राज्यपाल ने अस्पताल का अवलोकन करने के बाद ऑपरेशन से स्वस्थ हो चुके बच्चों से मुलाकात भी की।