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साल में 11 महीने निष्क्रिय रहने वाला फूड सेफ्टी विभाग त्यौहारी सीजन में अलर्ट हुआ, होटलों में न वर्करों का मेडिकल फिटनेस, न पानी की जांच रिपोर्ट, पेस्ट कंट्रोल भी नहीं कराया

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  • खाद्य पदार्थों की हर दुकान, होटल में फूड सेफ्टी एक्ट का खुला उल्लंघन

  • कलेक्टर के निर्देश पर मिठाईयों के सेंपल जब्त किए

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मिठाई दुकानों की जांच के दौरान सभी जगह फूड सेफ्टी एक्ट के स्पष्ट उल्लंघन होने का खुलासा हुआ है। फूड सेफ्टी आफिसर बीआर साहू के नेतृत्व में दुर्ग-भिलाई समेत ग्रामीण इलाकों की मिठाई दुकानों, डेयरी, होटल, डेली नीड्स की जांच की गई। किसी भी दुकान में काम करने वाले वर्करों का मेडिकल फिटनेस नहीं था। इन दुकानों में पेयजल की जांच रिपोर्ट भी नहीं थी। दुकानदारों द्वारा पेस्ट कंट्रोल भी नहीं कराया गया था। ये सभी कृत्य खाद्य सुरक्षा एक्ट 2006 का स्पष्ट उल्लंघन है। सभी दुकानदारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

कलेक्टर अंकित आनंद के निर्देश पर फूड सेफ्टी अधिकारी ने जांच टीमों का गठन किया है। इन टीमों ने शहरी और ग्रामीण इलाकों में मिठाई दुकानों, होटलों, डेयरी और डेली नीड्स की दुकानों में दूध, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की जांच की। खाद्य औषधि प्रशासन की टीम ने कृष्णा डेयरी मरोदा टैंक भिलाई से पेड़ा, इंदौर सेव भंडार दुर्ग से मलाई, कच्चा पेड़ा, मनमोहन जलपान गृह जामगांव (आर) से कलाकंद का नमूना जब्त किया। इन सभी खाद्य पदार्थों की जांच की जाएगी तथा अमानक पाए जाने पर मामला कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा

साहू ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के तहत अमानक खाद्य पदार्थ के भंडारण, विक्रय, वितरण पर 5 लाख रुपए तक फाइन का प्रावधान है। पैकेट में सही जानकारी न देने पर 3 लाख रुपए तक फाइन का प्रावधान है। त्योहारी सीजन में जांच कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। आम नागरिकों को गैर मिलावटी दूध, मिठाई और खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। जांच के दौरान चेतावनी दी गई है कि समय सीमा में फूड सेफ्टी एक्ट के तहत जरूरी सुधार न करने पर दुकानें बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।