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विभागीय अफसरों पर बिफरे पीएचई मंत्री, कठोर कार्रवाई करने की चेतावनी दी, विभागीय खरीदी और योजनाओं की अपडेट जानकारी देने में अफसर कर रहे टालमटोल

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– एक माह पहले मांगी थी हर जिले में विभागीय स्तर पर होने वाली सामग्री खरीदी और योजनाओं के तहत हुए कार्यों की जानकारी

– राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में अफसरों ने स्पष्ट जानकारी नहीं दी  

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पीएचई विभाग के मंत्री गुरु रूद्रकुमार अपने ही विभाग के अफसरों पर बरस पड़े। राजधानी के नीर भवन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की राज्य स्तरीय समीक्षा के दौरान पीएचई मंत्री ने जिलेवार संचालित योजनाओं की जानकारी मांगी। कई जिलों के अफसरों ने अपडेट जानकारी नहीं दी। उन्होंने पिछले महीने विभागीय अफसरों को संचालित योजनाओं को समयसीमा में पूरा कर अपडेट देने कहा था। एक माह पहले निर्देश के बावजूद इसका कोई असर न होने पर मंत्री बिफर पड़े। उन्होंने लापरवाह अफसरों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

पीएचई मंत्री ने हर दो माह में सभी वरिष्ठ अभियंताओं को विभागीय कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं।अधिकारियों से प्राप्त स्पष्ट जानकारी न मिलने पर बैठक में नाराजगी जताते हुए रायपुर, बिलासपुर और जगदलपुर तीनों परिक्षेत्र में राजीव गांधी नल जल योजना और मुख्यमंत्री नल जल योजना की संपूर्ण जानकारी एक हफ्ते के भीतर  प्रस्तुत करने कहा।

पिछली बैठक में गुरू रूद्र ने अफसरों को मिनीमाता अमृतधारा योजना का काम सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए थे। इस योजना से बीपीएल परिवार लाभान्वित होंगे। विभाग में संचालित सभी पेयजल योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश भी दिए थे। विभाग को मिली आबंटन राशि का शत-प्रतिशत उपयोग करने और नगरीय क्षेत्रों में स्वीकृत पेयजल योजनाओं को जरूरत के अनुसार प्राथमिकता से पूरा कराने कहा गया। समीक्षा बैठक के दौरान ज्यादातर अफसरों के गोलमोल जवाब पर मंत्री ने गहरी नाराजगी जताई।

विभागीय खरीदी और किए गए कार्यों की जानकारी देने में टालमटोल कर रहे अफसर

पीएचई मंत्री गुरू रूद्र कुमार ने एक माह पहले राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में मिनीमाता अमृत धारा योजना की अपडेट जानकारी के अलावा विधायकों के प्रस्ताव अनुसार 15-15 नल-जल योजनाओं की डीपीआर बनाने, विधायकों के गृह ग्राम में नल जल योजना, एनआरडीडब्ल्यूपी के अंतर्गत जिलेवार खर्च की जानकारी, राजीव गांधी सर्व जल योजना के डीपीआर की स्थिति, मुख्यमंत्री चलित संयंत्र योजना का डीपीआर, सुपेबेड़ा समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत डीपीआर बनाने की अपडेट प्रगति और गिरौदपुरी धाम समूह योजना की डीपीआर बनाने की कार्रवाई की जानकारी मांगी थी।

इसके अलावा चंदखुरी समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत डीपीआर की स्थिति, विभाग में केसिंग पाइप, हैंडपंप सेट, राइजर पाइप, सबमर्सिबल पंप सेट, केबल वायर, सर्विस वायर की खरीदी की जिलेवार जानकारी, सोडियम हाइपोक्लोराइट फील्ड टेस्ट किट और केमिकल की जिले वार खरीदी की जानकारी भी मांगी गई। ये जानकारियां एक माह बाद हुई बैठक में भी अफसरों ने नहीं दी। पीएचई मंत्री ने अधिकारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि 31 अक्टूबर तक सभी कार्य पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा है। ऐसा न करने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ  कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।