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हार्टीकल्चर विभाग ने 23 दुकानों में आकस्मिक जांच की, 9 दुकानों में बिक रहे थे सब्जियों के अमानक बीज

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  • जर्मिनेशन टेस्ट और क्वालिटी टेस्ट की रिपोर्ट के बगैर बेच रहे थे बीज     
  • छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित चाइना का सियाताई खीरे का बीज भी धड़ल्ले से बेच रहे थे कारोबारी 

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हार्टीकल्चर विभाग ने सब्जियों के घटिया बीज बेचने वाले 9 व्यवसायिक संस्थानों के बीज सील करने की कार्रवाई की है। इन संस्थानों में अमानक बीज बेचे जा रहे थे। छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित चाइना का सियाताई का खीरा बीज भी धड़ल्ले से बेचा जा रहा था। बीजों की बिक्री करने वाले संस्थानों के पास बीजों की जर्मिनेशन टेस्ट रिपोर्ट नहीं थी। बीजों की क्वालिटी टेस्ट रिपोर्ट भी किसी भी संस्थान में नहीं थी। विभाग ने इन संस्थानों के प्रतिबंधित बीजों को सील करते हुए नोटिस जारी किया है।

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आज हुई कार्रवाई के दौरान दुर्ग के ग्रीन फील्ड, भारत कृषि केंद्र, शर्मा कृषि केंद्र, छत्तीसगढ़ किसान कृषि केंद्र व शुभम एग्रो (दोनों धमधा नाका, दुर्ग) में अमानक बीज मिले। बोरई के पटेल कृषि केंद्र व ताम्रकार कृषि केंद्र, ननकट्‌टी के देवांगन कृषि केंद्र, धमधा में तिवारी कृषि केंद्र, पाटन में शर्मा कृषि केंद्र में भी अमानक बीज बेचने का खुलासा हुआ। हार्टीकल्चर विभाग से बिना अनुमति लिए अमानक बीजों की बिक्री की जा रही थी। शिकायत मिलने पर विभागीय अफसरों की टीम ने 23 दुकानों में छापामार कार्रवाई की। इनमें से 9 दुकानों में अमानक बीजों की बिक्री होने का पता चला।

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प्याज, भिंडी, टमाटर, गोभी, खीरा सहित अन्य सब्जियों के बीज अमानक स्तर के मिले। अफसरों ने बताया कि जर्मिनेशन टेस्ट और क्वालिटी टेस्ट के बिना सब्जियों के बीज की बिक्री नहीं की जा सकती। अमानक बीजों की बिक्री से किसानों का उत्पादन प्रभावित होता है। प्रोडक्शन कम होता है। सब्जियों की क्वालिटी पर भी असर पड़ता है। इससे किसानों को दोतरफा नुकसान हो रहा है। हार्टीकल्चर विभाग के उपसंचालक सुरेश ठाकुर के निर्देश पर विभाग के सीड इंस्पेक्टर मोहन साहू, ग्रामीण उद्यान विकास अधिकारी रविश कुमार, फील्ड कंसल्टेंट दिनेश कलिहारी ने छापामार कार्रवाई की।