Breaking News

Top News

जिला सहकारी बैंक का 108 वां स्थापना दिवस समारोह आज, सीएम करेंगे 1 करोड़ 62 लाख रुपए का लाभांश वितरण, 22 हजार से ज्यादा महिलाओं को पोषण आहार देने की शुरुआत होगी

Share Now

पोषण आहार देने जिला सहकारी बैंक हर साल लगभग 70 लाख से 1 करोड़ रुपए तक राशि खर्च करेगा –  बेलचंदन 

221

जिला सहकारी बैंक की स्थापना के 108 वें वर्ष पर 25 अक्टूबर को आयोजित समारोह में लगातार 11 वीं बार बैंक लाभांश का वितरण करेगा। इस साल कुल 1 करोड़ 62 लाख रुपए का लाभांश वितरण किया जाएगा। इस मौके पर बैंक की ओर से  मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के तहत अंतर्गत शिशुवती महिलाओं को पोषण आहार देने के अभियान की शुरूआत होगी। समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस अभियान की शुरुआत करेंगे।

बैंक के अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन ने बताया कि 25 अक्टूबर को सुबह 10 बजे मानस भवन में बैंक के स्थापना दिवस पर समारोह शुरू होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिले के प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर करेंगे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, सहकारिता मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया, पीएचई मंत्री गुरू रुद्र कुमार, दुर्ग के सांसद विजय बघेल व कांकेर के सांसद मोहन मंडावी होंगे। कार्यक्रम के विशेष अतिथि विधायक अरूण वोरा, विद्यारतन भसीन, देवेंद्र यादव, आशीष छाबड़ा, गुरुदयाल बंजारे, संगीता सिन्हा, कुंवर सिंह निषाद उपस्थित रहेंगे।

देश में पहली बार शिशुवती महिलाओं को मिलेगा जैविक अनाज

बेलचंदन ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों को कुपोषण से बचाने सुपोषण आहार योजना शुरू की है। जिला सहकारी बैंक इस योजना में सहभागिता निभाते हुए शिशुवती महिलाओं को पोषण आहार देगा। देश में पहली बार शिशुवती महिलाओं को बेहतर पोषण के लिए जैविक अनाज दिया जाएगा। दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिले की 22 हजार से ज्यादा शिशुवती महिलाओं को जैविक अनाज के पैकेट दिए जाएंगे। महिलाओं को हर माह ढाई किलो चावल, ढाई किलो गेहूं और आधा किलो चना पोषण आहार के रूप में दिया जाएगा। तीनों जिले की शिशुवती महिलाओं को पोषण आहार देने पर जिला सहकारी बैंक हर साल लगभग 70 लाख से एक करोड़ रुपए तक राशि खर्च करेगा। इस योजना का क्रियान्वयन महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से किया जाएगा। राशि की व्यवस्था बैंक के सीएसआर मद से की जाएगी। बैंक के संचालक मंडल ने योजना को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का फैसला किया है। शिशु का जन्म होने के एक साल की अवधि तक शिशुवती माता को पोषण आहार दिया जाएगा। माताओं को लैब से टेस्टेड अनाज दिया जाएगा।