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मुख्यमंत्री के गृह जिले में ही आदेश का पालन नहीं कर रहे अफसर, गोवर्धन पूजा पर नहीं मनाया गौठान दिवस

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फाइल फोटो- निगम अफसरों ने गौठान का निर्माण अधूरा छोड़ा, लगा दिया ताला, विधायक के अल्टीमेटम के बावजूद नहीं सुधरी व्यवस्था

कई महीने से आधा अधूरा पड़ा है गौठान, मवेशियों के चारे की व्यवस्था तक नहीं कर पाया नगर निगम

गौवंश का संरक्षण करने गौठान निर्माण की सुध नहीं ले रहे कलेक्टर, निगम कमिश्नर और ईई

गोवर्धन पूजा के अवसर पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय, ब्लाक मुख्यालय में गौठान दिवस मनाने के निर्देशों के बावजूद मुख्यमंत्री के गृह जिले में कोई कार्यक्रम नहीं हुआ। जिला मुख्यालय यानी दुर्ग में गोकुल नगर में अधूरे पड़े गौठान की सुध तक नहीं ली गई। मुख्यमंत्री के निर्देशों को पूरी तरह ताक पर रखकर नगर निगम के जिम्मेदार अफसर दिवाली का जश्न मनाते रहे। मुख्यमंत्री के निर्देश के बावजूद न गऊ माता की पूजा अर्चना की गई, न गौठान की सुध ली गई।

दुर्ग नगर निगम का प्रशासनिक अमला प्रदेश सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना का क्रियान्वयन नहीं कर रहा है। नरवा-गरवा-घुरूवा-बारी योजना के तहत पुलगांव स्थित गोकुल नगर में गौठान बनाने की योजना का काम शुरू किया गया लेकिन आधा-अधूरा निर्माण करने के बाद काम बंद कर दिया गया। प्रदेश में लगभग सभी जगहों पर व्यवस्थित गौठानों का लोकार्पण हरेली त्योहार के दिन किया गया, लेकिन दुर्ग शहर का गौठान आज तक अधूरा है।

हाल ये है कि निगम प्रशासन ने यहां निर्माण कार्य बंद करने के साथ ही गौठान में ताला लगा दिया है। अगस्त माह में विधायक अरूण वोरा ने गौठान का निरीक्षण करते हुए काम बंद होने पर नाराजगी जताई। गौठान का निर्माण अधूरा रहने पर विधायक अरूण वोरा ने निगम के ईई मोहनपुरी गोस्वामी से जवाबतलब कर चुके हैं। निर्माण कार्य तत्काल पूरा करने कड़े निर्देश के बावजूद न ईई ने निर्माण कार्य पूरा कराया, न निगम कमिश्नर इंद्रजीत बर्मन ने अधूरे निर्माण की सुध ली।

निगम के वरिष्ठ पार्षद राजेश शर्मा ने बताया कि गौठान में मवेशियों को हरे चारा की व्यवस्था के लिए कृषि विभाग से बीज मिले थे। देखरेख न होने के कारण हरे चारे की व्यवस्था भी नहीं हो पाई। अभी तक गौठान का लोकार्पण हो जाना था लेकिन निर्माण अधूरा होने के कारण आवारा मवेशी सड़कों पर घूम रहे हैं और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। आम जनता के साथ पशुधन को भी नुकसान हो रहा है। ऐसी लापरवाही दुर्भाग्यजनक है।

करीब 10 लाख खर्च कर चुके, अब निर्माण बंद

गोकुल नगर में गौठान बनाने की व्यवस्था के लिए 30 लाख रुपए का टेंडर किया गया। इसमें से लगभग 10 लाख रुपए का निर्माण कार्य कराया गया। कांट्रैक्टर को बिल भुगतान में लेटलतीफी सहित अन्य विवादों के कारण निर्माण कार्य बंद कर दिया गया। दो बार यहां अस्थायी व्यवस्था के तहत 50-60 मवेशियों को पकड़कर बंद किया गया। बताया गया कि निगम प्रशासन मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था नहीं कर पाया। नगर निगम के कुप्रबंधन के कारण अगले दिन ही मवेशियों को छोड़ दिया गया।

वर्जन

मुख्यमंत्री ने पशुधन संरक्षण के लिए गौठान निर्माण का काम प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। दुर्ग में शहरी गौठान का निर्माण करने 96 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई। गौठान का निर्माण 4 स्थानों पर होना है। अभी तक पहले गौठान का निर्माण ही पूरा नहीं हो पाया है। बाकी तीन गौठानों की निर्माण योजना का कहीं अता पता नहीं है। नगर निगम की लचर व्यवस्था और लापरवाह कार्यप्रणाली से यह महत्वपूर्ण योजना अधूरी होना दुर्भाग्यजनक है।

अरूण वोरा,

विधायक, दुर्ग