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‘‘अरपा पैरी की धार, महानदी हे अपार’’अब राज्य गीत घोषित, मुख्यमंत्री ने राज्योत्सव में ऐलान किया  

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छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के तीसरे दिन समारोह में मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत ने   कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य की संस्कृति और सभ्यता का सम्मान हो रहा है। गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करने सभी की सहभागिता जरूरी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अलंकरण समारोह के मंच से डॉ. नरेन्द्र वर्मा द्वारा रचित छत्तीसगढ़ी गीत ‘‘अरपा पैरी की धार, महानदी हे अपार’’ गीत को राज्यगीत घोषित किया।

बघेल ने कहा कि यह गीत प्रदेश के गांव-गांव और शहरों में महतारी गीत के रूप में प्रसिद्ध है। इस गीत को राज्य शासन द्वारा आयोजित महत्वपूर्ण शासकीय कार्यक्रमों और आयोजनों में राज्यगीत के रूप में बजाया जाएगा। उन्होंने  कहा कि आम जनता के उत्साह को देखते हुए राज्यपाल के आग्रह पर राज्योत्सव कार्यक्रम को दो दिन और बढ़ाया गया है। आगामी दो दिन में सांस्कृतिक कार्यक्रम जारी रहेंगे। मुख्यमंत्री ने आम जनता से प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर  2500 रूपए प्रति क्विंटल धान खरीदी के लिए सहमति देने की अपील की।