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किसानों ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, मुख्यमंत्री को दिखाकर बोले – बोनस पर प्रतिबंध हटाने दिल्ली जाकर उठाएंगे आवाज

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रानीतराई रेस्ट हाउस पहुंचे 1500 किसानों ने दिखाये खत, कहा किसानों के हितों से जुड़ा है पूरे प्रदेश का सरोकार

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दुर्ग।  पाटन ब्लाक के रानीतराई प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रानीतराई स्थित रेस्ट हाउस में हजारों किसानों ने सीएम से मुलाकात की। मड़ई मेला में शामिल होने के साथ ही मुख्यमंत्री ने किसानों से धान खरीदी के संबंध में चर्चा की। किसानों ने मुख्यमंत्री से कहा कि किसानों के हितों की चिंता मुख्यमंत्री ने की है। इस संबंध में केंद्र सरकार से लगातार संवाद किया है। मुख्यमंत्री का यह कदम स्वागत योग्य है।

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किसानों ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि धान खरीदी में बोनस देने वाले राज्यों से धान क्रय पर प्रतिबंध लगाने पर किसान सदमे और निराशा में पहुंच जाएंगे। मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त करते हुुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ है और किसानों के हितों के साथ हमेशा जुड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि हमने लगातार केंद्र सरकार से किसानों के हितों में बोनस देने वाली सरकारों से धान खरीदी करने कहा है। इस मांग को लेकर प्रदेश के किसान दिल्ली पहुंचेंगे।

किसान दिल्ली जाकर बताएंगे कि किस प्रकार बोनस से उनके जीवन में उजास आया है। वे खेती की ओर लौट आए हैं। खेती में उन्हें अपना भविष्य बेहतर नजर आने लगा है। छत्तीसगढ़ में किसानों के हितों को देखते हुए केंद्र को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि से प्रदेश बड़े स्तर पर विकास की राह पर जाता है। व्यापारी वर्ग को भी इस समृद्धि का लाभ मिलता है। पिछले साल 2500 रुपए में धान खरीदी के निर्णय से बाजार भी गुलजार हुआ और इस निर्णय का लाभ प्रदेश के हर वर्ग को मिला।

उन्होंने किसानों से कहा कि बड़ी संख्या में किसानों ने दिल्ली जाने के फैसले की जानकारी दी है। हमारी सरकार हमेशा किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए हम लगातार केंद्र सरकार से संवाद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने किसानों को बताया कि किसानों के हित में सरकार ने धान खरीदी की तिथि 1 दिसंबर से 15 फरवरी तक रखी है और आवश्यकता पड़ने पर इसे और बढ़ाया जा सकता है।