Breaking News

Top News

भूपेश के दिल्ली कूच को लेकर बड़ा सवाल ??? भूपेश के नेतृत्व में केंद्र सरकार के खिलाफ देशव्यापी किसान आंदोलन का आगाज तो नहीं ?

Share Now

images (5)

13 को दिल्ली रवाना होंगे मुख्यमंत्री, रास्ते में तीन राज्यों में किसानों की सभा संबोधित करेंगे

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में आगामी 13 नवम्बर को प्रदेश के हजारों किसान सड़क मार्ग से दिल्ली रवाना होंगे। छत्तीसगढ़ के किसानों से धान खरीदी के मामले में केंद्र सरकार के रवैये के बाद अब इस मामले की गूंज दूसरे राज्यों में होने लगी है। छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों में किसान संगठन अब केंद्र सरकार के किसान विरोधी रवैये के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं। दिल्ली में किसानों के प्रदर्शन के लिए तय कार्यक्रम के अनुसार भूपेश तीन राज्यों में किसानों की बड़ी सभाओं को संबोधित करेंगे। कांग्रेस की इस रणनीति से राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह आंदोलन मोदी सरकार के खिलाफ देशव्यापी किसान आंदोलन की शुरुआत है?

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल किसानों के साथ सड़क मार्ग से दिल्ली रवाना होंगे। इस दौरान वे महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में किसानों की बड़ी सभाओं को सम्बोधित करेंगे। दिल्ली रवाना होने से पहले किसान संगठनों, किसानों, व्यापारियों और खेती-किसानी से जुड़े सभी संगठनों से सेन्ट्रल पूल में चावल खरीदी के संबंध में प्रधानमंत्री को पत्र लिखने का आग्रह किया गया है। किसानों से प्राप्त चिठ्ठियों को ट्रक में रखकर काफिले के साथ दिल्ली ले जाया जाएगा। इन पत्रों को प्रधानमंत्री को सौंपा जाएगा।
छत्तीसगढ़ से दिल्ली जाते समय मुख्यमंत्री रास्ते पर पड़ने वाले राज्यों में कई किसान सभाओं को सम्बोधित करेंगे। इन सभाओं में वे छत्तीसगढ़ में किसानों के हितों में किए गए कार्यों की जानकारी देंगे। छत्तीसगढ़ के किसानों के हित में सेंट्रल पूल में 32 लाख मीटरिक टन चावल की खरीदी के संबंध में पक्ष रखते हुए उन राज्यों के किसानों से भी समर्थन लेंगे।

बता दें कि प्रदेश के राजनीतिक दलों की बैठक में सभी दलों ने 2500 रूपए में धान खरीदी और केन्द्रीय पुल में धान खरीदी के मामले में राज्य सरकार का समर्थन किया है। किसान संगठन और किसानों ने भी सरकार के पक्ष में सहमति जताई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने वर्ष 2014 में निर्णय लिया था कि जो राज्य सरकार किसानों को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी पर बोनस देगी, उनसे सेन्ट्रल पूल में चावल नहीं लिया जाएगा। इसके बाद छत्तीसगढ़ में पूर्व में दो वर्षों में इस प्रावधान को शिथिल कर सेन्ट्रल पूल में छत्तीसगढ़ से चावल लिया गया।

इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2019-20 में सेन्ट्रल पूल में प्रधानमंत्री से प्रावधान को शिथिल कर सेन्ट्रल पूल में छत्तीसगढ़ से 32 लाख मीट्रिक टन चावल लेने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री और केन्द्रीय खाद्य मंत्री को पत्र भी लिखा गया, लेकिन वहां से असहमति का पत्र भेजा गया है। पत्र में लिखा है कि 2500 रूपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी से बाजार अव्यवस्थित हो जाएगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 2500 रूपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी से बाजार फला-फूला है। किसानों के हित में छत्तीसगढ़ सरकार इस वर्ष भी किसानों से 2500 रूपए प्रति क्विंटल पर धान की खरीदी करेगी। इस वर्ष लगभग 85 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018-19 में किसानों से 2500 रूपए प्रति क्विंटल पर धान खरीद कर किसानों से किया गया वायदा पूरा किया। इस वर्ष भी 2500 रूपए प्रति क्विंटल पर धान की खरीदी करेंगे।

उन्होंने छत्तीसगढ़ के सभी सांसदों, किसानों और व्यापारियों से आग्रह किया है कि वे किसानों के हित में प्रधानमंत्री को पत्र लिखें कि केन्द्र सरकार प्रावधान को शिथिल करते हुए इस वर्ष सेन्ट्रल पूल में छत्तीसगढ़ से 32 लाख मीट्रिक टन चावल का उपार्जन करने की अनुमति दे।