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धान खरीदी पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच क्या बदल रही है केमिस्ट्री ?

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सिर्फ 2 मंत्रियों के साथ दिल्ली गए सीएम, केन्द्रीय कृषि और खाद्य मंत्री से सेंट्रल पूल के लिए राज्य का चावल उपार्जन की अनुमति देने का आग्रह किया

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25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी और सेंट्रल पूल के लिए छत्तीसगढ़ का चावल खरीदने की अनुमति को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच केमेस्ट्री में क्या कोई बदलाव आया है? हाल ही में हुए घटनाक्रमों से यह सवाल राजनीतिक हलकों में उठने लगा है। केंद्र सरकार ने धान पर बोनस देने वाले राज्य से सेंट्रल पूल का चावल खरीदने की अनुमति देने से इंकार कर दिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 13 नवंबर को हजारों किसानों के साथ दिल्ली कूच कर प्रदर्शन का ऐलान किया। सड़क मार्ग से किसानों के साथ रवानगी के दौरान महाराष्ट्र, यूपी और मध्यप्रदेश में किसानों की रैली की तैयारी भी हुई। अब पूरा सीन बदल गया है।

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दिल्ली कूच की तैयारियों के बीच 9 नवंबर को अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर देश की राजधानी में प्रदर्शन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 6 मंत्रियों के साथ दिल्ली जाकर राष्ट्रपति और केंद्रीय कृषि मंत्री से मिलने का कार्यक्रम तय किया। एक दिन बाद तय कार्यक्रम में दो बदलाव हुए। राष्ट्रपति से मुलाकात का कार्यक्रम रद्द हो गया। दूसरा बदलाव ये हुआ कि मुख्यमंत्री 6 मंत्रियों की बजाय सिर्फ 2 मंत्रियों के साथ दिल्ली जाकर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान से मिले। दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

मुलाकात के दौरान बघेल ने राज्य के किसानों के हित में सेन्ट्रल पूल में चावल उपार्जन की अनुमति देने का आग्रह किया। छत्तीसगढ़ में बायो एथेनॉल के विक्रय को बढ़ावा देने केंद्र से सहयोग का आग्रह किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री के साथ राज्य के कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे और खाद्य मंत्री अमरजीत भगत मौजूद थे। केन्द्रीय मंत्रियों ने सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया है।

यह है मामला 

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के किसानों के हित में सेंट्रल पूल में 32 लाख मीट्रिक टन चावल की खरीदी की मांग की है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2014 में निर्णय लिया था कि अगर राज्य सरकार किसानों को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी पर बोनस देगी तो उस राज्य से सेन्ट्रल पूल में चावल नहीं लिया जाएगा। इसके बावजूद छत्तीसगढ़ में पूर्व में दो वर्षों तक इस प्रावधान को शिथिल कर सेन्ट्रल पूल में छत्तीसगढ़ से चावल लिया गया। इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2019-20 में सेन्ट्रल पूल में प्रधानमंत्री से प्रावधान को शिथिल कर सेन्ट्रल पूल में छत्तीसगढ़ से 32 लाख मीट्रिक टन चावल लेने का आग्रह किया है। सीएम ने वर्ष 2019-20 में उपार्जित अतिरिक्त धान का वैकल्पिक उपयोग कर बायो एथेनॉल उत्पादन के लिए केंद्र से सहमति का आग्रह किया है, जिससे बायो फ्यूल के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिल सकेगा। दोनों मंत्रियों ने मुख्यमंत्री की मांगों पर उचित पहल करने का संकेत दिया है। सूत्र बता रहे हैं कि किसानों के मुद्दे पर भूपेश सरकार के कड़े रुख और कांग्रेस के गांव-गांव में पीएम को पत्र लिखने के जोरदार अभियान के बाद केंद्र के रुख में बदलाव के संकेत मिले हैं। केंद्र सरकार सेंट्रल पूल से चावल खरीदने का आग्रह स्वीकार कर सकती है। ऐन समय में अगर केंद्र ने फिर कोई टालमटोल की तो कांग्रेस इस मुद्दे को नए सिरे से जोरशोर से उठाएगी।