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’राम वन गमन परिपथ’ को विकसित करने की शुरूआत चंदखुरी के कौशल्या माता मंदिर से होगी

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’राम वन गमन परिपथ’ छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर के रूप में पहचान है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप राजधानी रायपुर से 27 किलोमीटर की दूरी पर स्थित चंदखुरी के कौशल्या माता मंदिर से राम वन गमन परिपथ को सम्पूर्ण रूप से विकसित किया जाएगा। मुख्य सचिव आरपी मंडल की अध्यक्षता में सिविल लाईन स्थित न्यू सर्किट हाउस में ’राम वन गमन परिपथ’ संबंधी राज्य स्तरीय समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। मंडल ने बैठक में विभागीय अधिकारियों को राम वन गमन परिपथ को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना पर तेजी से अमल में लाने के निर्देश दिए।

समिति के संयोजक व प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि राम वन गमन परिपथ में छत्तीसगढ़ के आठ महत्वपूर्ण स्थल सीतामढ़ी हरचौका, रामगढ़, शिवरीनारायण, तुरतुरिया, चंदखुरी, राजिम, सिहावा (सप्त ऋषि आश्रम) और जगदलपुर हैं। इन्हें विकसित किया जाएगा। कार्ययोजना पर तेजी से अमल के लिए चार सदस्यीय टीम बनाई जाएगी। यह टीम आठों चिन्हित स्थलों और इसके रूट का भ्रमण कर पर्यटन की दृष्टि से आवश्यक सुविधाओं से संबंधित कार्यों का प्लान बनाएगी। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत इस परिपथ की स्वीकृति के लिए कार्यवाही भी की जाएगी।