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ई-कॉमर्स कंपनियां देश के व्यापारियों को बर्बाद कर रही, विरोध में कैट का धरना प्रदर्शन, पूरी ताकत से लड़ाई छेड़ने का ऐलान

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कैट का राष्ट्रव्यापी आंदोलन, दुर्ग में व्यापारियों ने धरना देकर जताया विरोध

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कैट ने अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसी ई-कामर्स कंपनियों के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन छेड़ दिया है। कैट ने कहा है कि कानून को दरकिनार कर सरकार की एफडीआई नीति का खुलेआम उल्लंघन करते हुए ई कामर्स कंपनियां भारत के बाजार को विकृत कर रही हैं। देश के खुदरा व्यापार को पूरी तरह नष्ट करने पर आमादा इन कंपनियों के खिलाफ एक आक्रामक राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। आंदोलन की रणनीति के तहत दुर्ग-भिलाई कैट ने आज धरना प्रदर्शन किया। कैट के प्रदेश एमएसएमई प्रभारी मोहम्मद अली हिरानी ने कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई छेड़ा जाएगा।

हिरानी ने कहा कि ये कंपनियां देश भर में 7 करोड़ से ज्यादा व्यापारियों और भारत के खुदरा व्यापार को नष्ट करने पर आमादा हैं। प्रदर्शन के दौरान कान्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश मीडिया प्रभारी संजय चौबे, दुर्ग इकाई अध्यक्ष प्रहलाद रूंगटा, भिलाई इकाई अध्यक्ष दिनेश सिंघल, प्रदेश उपाध्यक्ष ज्ञान चंद जैन, अनिल बल्लेवार, चेतन अधातिया, मेहरबान सिंह, जफर, राजा बेदी, संतोष मारोठी, मनोज गोयल, आशीष मारोटी, ऋषि केवलतानी, आशीष निमजे सहित अन्य व्यवसायी उपस्थित थे।

राष्ट्रव्यापी आंदोलन को ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन, ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया एल्युमिनियम यूटेंसिल्स मैन्युफैक्चरर्स, ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स मर्चेंट्स एसोसिएशन, टॉयज एसोसिएशन ऑफ इंडिया, ड्रग डीलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रिकल गुड्स एंड अप्लायंस एसोसिएशन, फेडरेशन ऑफ हार्डवेयर मैन्युफैक्चरर्स एंड ट्रेडर्स एसोसिएशन सहित देश के 40 हजार व्यापारी संगठनों ने समर्थन दिया है।

कैट के अनिल बल्लेवार ने बताया कि आजाद भारत में अब किसी और ईस्ट इंडिया कंपनी को उभरने नहीं दिया जाएगा। भारत के खुदरा व्यापार को ई-कॉमर्स कंपनियों के अनैतिक प्रकोप से बचाया जाएगा। लागत से भी कम मूल्य पर माल बेचना और अनैतिक भारी डिस्काउंट देश के खुदरा व्यापार के लिए बेहद घातक साबित होगा। कंपनियां वास्तव में कोई व्यापार नहीं कर रही हैं बल्कि अपने निजी इक्विटी या वेंचर कैपिटलिस्ट निवेशकों के इशारों पर एक वैल्यूएशन के खेल में लिप्त हैं जो देश के घरेलू व्यापार के ताने बाने को विकृत कर रहा है। भारत में खुदरा व्यापार 7 करोड़ से ज्यादा छोटे व्यापारी संचालित करते हैं। ये व्यापारी लगभग 45 लाख करोड़ रु का सालाना कारोबार करते हैं। यह क्षेत्र देश में लगभग 40 करोड़ लोगों को रोजगार देता है। संजय चौबे ने बताया कि आज पूरे भारत वर्ष में कैट ने  राष्ट्रव्यापी आंदोलन किया है।