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सादगी, ईमानदारी, कठोर मेहनत का जीवन जीते रहे गांधी और हासिल कर लिया असाधारण लक्ष्य

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इन्टेक ने गांधी की प्रासंगिकता पर आयोजित की परिचर्चा, वक्ताओं ने महात्मा की जीवन शैली की जानकारी देकर छात्राओं को प्रेरित किया

24-1  सादगी, ईमानदारी व स्व-अनुशासन से कठिन मेहनत करते हुए जीवन जी कर महात्मा गांधी ने असाधारण लक्ष्यों को प्राप्त किया। उनके जीवन से सीख लेकर बच्चे मेहनत करें और अपने जीवन को सार्थक बनाएं। यह विचार भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांकृतिक धरोहर निधि द्वारा गांधी के विचारों पर आयोजित परिचर्चा के दौरान अवकाश प्राप्त सत्र न्यायाधीश मैत्रीय माथुर ने मुख्य अतिथि की आसंदी से व्यक्त किए। तुलाराम आर्य कन्या शाला दुर्ग में स्कूली विधार्थियों के लिए हुई परिचर्चा में उन्होंने आगे कहा कि गांधी ने अपने निजी व सार्वजनिक जीवन में अनुशासन और सच्चाई को सबसे ज्यादा महत्त्व दिया।

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साबरमती आश्रम में गांधी के सानिध्य में रहने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी दंपत्ति के पुत्र व प्रसिद्ध गीतकार मुकुंद कौशल ने साबरमती आश्रम में गांधी की जीवन शैली से जुड़े कई प्रसंगों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि आगे आने वाली पीढ़िया शायद यह विश्वास न करें कि गांधी जैसे किसी लंगोट धारी व्यक्ति ने अहिंसात्मक आंदोलन से अंग्रेजों को देश छोड़ने मजबूर कर दिया। नमक आन्दोलन से अंग्रेजों के अनैतिक कानून की धज्जियां उड़ा दी। सर्वधर्म, सदभाव और परस्पर प्रेम का गांधी का सन्देश आज भी प्रासंगिक है।

प्रसिद्ध साहित्यकार रवि श्रीवास्तव ने कहा कि गांधी देश में गरीबी, अशिक्षा और स्वास्थ्य की खराब स्थितियों से बेहद दुखी थे। उन्होंने गुलामी से संघर्ष करने के आव्हान के साथ-साथ देश को इन समस्यायों से उबारने के तौर तरीके सुझाए और खुद भी कई प्रयोग करते रहे।  उन्होंने हिंदी के विकास के लिए भी प्रयास किए।

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कार्यक्रम की शुरुआत में स्कूल की प्राचार्य नीना शिवहरे ने अतिथियों का स्वागत करते हुए गांधी की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।  इन्टेक के संयोजक डॉ डी एन शर्मा ने गांधी के विचारों से सम्बंधित इन्टेक की गतिविधियों से अवगत कराया। कार्यकम का संचालन शिक्षिका ममता शर्मा ने किया। इन्टेक की सह-संयोजक विद्या गुप्ता ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर शिक्षाविद डॉ हरिनारायण दुबे, लेखक डॉ संजय दानी, शुभम भंडारी, सुनीता दानी, पूनम भंडारी, विश्वास तिवारी, विद्यालय की शिक्षिकाएं व बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहे।

परिचर्चा से पहले छात्राओं ने गांधी के जीवन व विचारों पर केन्द्रित रंगोली, चित्रकला व भाषण प्रतियोगिता में सहभागिता निभाई। स्पर्धाओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। रंगोली में संजना धनकर (प्रथम), अंजलि ठाकुर (द्वितीय) और प्रिया ठाकुर व सिमरन साहू (तृतीय) रहे। चित्रकला में नुपुर कर (प्रथम), नीलिमा विश्वकर्मा (द्वितीय) व संजना धनकर (तृतीय) रहे। भाषण प्रतियोगिता में शीतल व रोशनी सिन्हा और कविता पाठ में डाली शाह व प्रियंका सोनी को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर गांधी के सर्व-धर्म के नजरिये पर एक प्रभावी मूक नाटिका प्रस्तुत करने वाली छात्राओं रेवती गोंड, साक्षी सोनी, प्रीती गुप्ता, पायल देवांगन, थानेश्वरी शर्मा व कुसुम वर्मा को भी मुख्य अतिथि मैत्रयी माथुर ने पुरस्कृत किया।