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गौठानों के लिए ट्री गार्ड बना रहे महिला समूह, आर्थिक रूप से सशक्त हो रही महिलाएं

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बिहान संस्था ने धमधा ब्लाक के गांवों में दी ट्रेनिंग

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नरवा, गरुवा, घुरुवा अऊ बारी योजना का क्रियान्वयन शुरू होने के बाद इसके प्रभावी नतीजे सामने आने लगे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में सतत विकास के साथ आजीविका के साधन उपलब्ध कराने की दिशा में ऐसे प्रयोग हो रहे हैं जिससे  गांव के ही संसाधनों से महिला समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके। धमधा ब्लाक में महिला समूहों को गौठानों में प्लांटेशन सहित विभागीय स्तर पर पौधरोपण के लिए ट्री गार्ड बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है।

बंसोड समूह के सदस्य ट्रेनिंग दे रहे हैं। गौठानों समेत अन्य स्थानों पर प्लांटेशन के लिए इन ट्री गार्ड का इस्तेमाल किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में भी समूह की महिलाएं ट्री गार्ड्स बेचकर लाभ कमाने लगी हैं। जनपद पंचायत धमधा की सीईओ अनिता अग्रवाल ने बताया कि बिहान के माध्यम से स्वसहायता समूहों को ट्री गार्ड बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। गौठानों में इसका इस्तेमाल हो रहा है। हाल ही में पेण्ड्रीतराई में मॉडल गौठान में यहां से ट्री गार्ड भेजा गया।

उन्होंने कहा कि आजीविका के अधिकतम अवसर प्रदान करना लक्ष्य है। महिला समूहों को बांस उपलब्ध कराया गया है। बांस जैसे संसाधनों का उपयोग कर न्यूनतम खर्च में ज्यादा से ज्यादा उपयोगी सामग्री तैयार करने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
बिहान योजना के विकासखंड परियोजना प्रबंधक सागर पंसारी ने बताया कि कलेक्टर अंकित आनंद के निर्देश पर बांस से संबंधित काम करने में दिलचस्पी लेने वाले महिला समूहों को चिन्हित किया गया। उनके लिए बाजार भी उपलब्ध कराया गया है। गौठान आदि के शासकीय कार्य के अलावा निजी क्षेत्र का बाजार भी शामिल किया गया। बिहान के एरिया कोआर्डिनेटर अमित द्विवेदी ने बताया कि महिला समूहों को रिवाल्विंग फंड उपलब्ध कराया जा रहा है। पेण्ड्रीतराई की नारी शक्ति ग्राम संगठन की महिलाओं ने बताया कि उन्होंने बांस के ट्री गार्ड बनाने का प्रशिक्षण लेने के बाद अब तक 10 हजार रुपए की सामग्री बेची है। संगठन से 120 महिलाएं जुड़ी हैं।

सरकार की मदद से खुश हैं बरहापुर का बंसोड़ परिवार

बरहापुर में ट्री गार्ड बना रही चैती का कहना है कि उनका परिवार कई सालों से बांस के उत्पाद बना रहा है। नई सरकार के आने के बाद कई तरह के नए काम मिल रहे हैं। ट्री गार्ड बनाने का काम मिला है। और बहुत काम मिल रहे हैं। आमदनी बढ़ने से हम सब लोग काफी खुश हैं। अच्छी बात यह है कि हमें ट्रेनिंग भी मिल रही है। एक ट्री गार्ड की कीमत लगभग 150 रुपए होती है। शासन का फोकस प्लांटेशन पर है। इस कार्य में महिला समूहों की सफलता की काफी उम्मीद है।