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शुरू हुआ बगावत का दौर, भाजपा से ज्ञानेश्वर बागी हुए, टिकट के लिए रेड सिग्नल मिलने पर कांग्रेस के कुणाल तिवारी और विवेक मिश्रा भी बागी हुए

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नगरीय निकाय चुनाव में टिकट न मिलने पर बगावत का दौर शुरू हो गया है। दुर्ग नगर निगम चुनाव के लिए भाजपा ने 60 में से 53 वार्डों के प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं, वहीं कांग्रेस ने अभी तक प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है। 6 दिसंबर को नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन है। भाजपा में जिस तरह कई सक्रिय पार्षदों की टिकट काटी गई है, उससे ये अटकलें लगाई जा रही है कि ऐन समय में टिकट वितरण में फेरबदल किया जा सकता है। इसके बावजूद बगावत का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस में भी टिकट के लिए रेड सिग्नल मिलते ही दावेदारों ने बगावत करते हुए चुनाव लड़ने ताल ठोंक दी है।

गिरधारी नगर वार्ड 9 से भाजपा के सक्रिय पार्षद ज्ञानेश्वर ताम्रकार ने बगावत का ऐलान कर दिया है। इधर, कांग्रेस के कुणाल तिवारी ने भी टिकट के लिए पार्टी से रेड सिग्नल मिलने के बाद नामांकन फार्म खरीद लिया। शहर युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विवेक मिश्रा ने भी पार्टी से टिकट न मिलने का संकेत मिलने के बाद गंजपारा वार्ड से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। विवेक का कहना है कि न्याय न मिलने के कारण बगावत करना पड़ रहा है। वे निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।

ज्ञानेश्वर के समर्थन में नागरिकों के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं ने मीटिंग की, बगावत का ऐलान किया

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भाजपा पार्षद ज्ञानेश्वर ताम्रकार की टिकट कटने पर स्थानीय नागरिकों और कार्यकर्ताओं की बैठक। बगावत का ऐलान 

भाजपा के बेहद सक्रिय पार्षद रहे ज्ञानेश्वर ताम्रकार टैक्स बढ़ोतरी के विरोध, बाजार की अव्यवस्था सुधारने सहित जनहित से जुड़े मुद्दों पर लगातार मुखर रहे। उनकी टिकट कट गई। आज उनके समर्थन में वार्ड के नागरिक और कार्यकर्ताओं ने मंडल भाजपा अध्यक्ष और जिला भाजपा अध्यक्ष से चर्चा की। टिकट कटने पर नाराजगी जताई। जिला भाजपा अध्यक्ष उषा टावरी ने साफ कहा कि टिकट में बदलाव नहीं होगा। कार्यकर्ताओं ने जब इस्तीफा देने की बात कही तो उषा ने कार्यकर्ताओं को मनाने की बात कहते हुए फोन काट दिया।

ज्ञानेश्वर को टिकट देने की मांग करते हुए वार्ड के शंभू पटेल, सुदामा सिंह ठाकुर, विजय साहू, रूप नारायण, अखिलेश यादव, नरेंद्र सोनी, नरेश पांडेय सहित कई कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने वार्ड में बैठक आयोजित की जिसमें सर्वसम्मति से तय हुआ कि ज्ञानेश्वर ताम्रकार को निर्दलीय चुनाव लड़ाया जाएगा। महिलाओं ने साफ कहा कि वार्ड के नागरिकों की इच्छा का सम्मान नहीं किया गया। वार्ड का सर्वे किये बिना ही गलत रिपोर्ट देकर टिकट काट दी गई। विरोध जताते हुए ज्ञानेश्वर कल 4 दिसंबर को नामांकन दाखिल करेंगे।

एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष कुणाल तिवारी ने भी ताल ठोंकी

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एनएसयूआई के शहर अध्यक्ष रह चुके कुणाल ने कहा कि वे 20 साल से पार्टी की सेवा कर रहे हैं। आवेदन करने के बावजूद उन्हें टिकट न मिलने के साफ संकेत मिल चुके हैं। समर्थकों की सलाह लेकर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया। कुणाल का कहना है कि पार्टी से बगावत कर चुनाव लड़ा जाएगा। कुणाल ने कहा कि नामांकन फार्म खरीदने के साथ ही उनके समर्थकों ने चुनावी तैयारी शुरू कर दी है।

युवा कांग्रेस के पूर्व शहर अध्यक्ष भी बागी हुए

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शहर युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विवेक मिश्रा ने भी पार्टी से टिकट न मिलने का संकेत मिलने के बाद गंजपारा वार्ड में बगावती तेवर दिखाए हैं। विवेक मिश्रा ने पार्टी में टिकट के लिए आवेदन किया था। उन्हें यह जानकारी मिली कि गंजपारा से सिर्फ एक नाम का पैनल प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजा गया है। पैनल में वर्तमान पार्षद ऋषभ जैन का नाम है। इसकी खबर मिलते ही विवेक ने आज नामांकन फार्म खरीद लिया। वे कल 4 दिसंबर को शक्ति प्रदर्शन के साथ नामांकन दाखिल करेंगे।

विवेक के समर्थन में कांग्रेस नेता अमीर तिगाला ने कहा कि अब निर्दलीय चुनाव लड़ा जाएगा। पैनल में विवेक का नाम तक नहीं रखा गया। यह सरासर अन्याय है। नामांकन दाखिल करने की तैयारी की जा रही है। विवेक मिश्रा न सिर्फ वार्ड बल्कि पूरे शहर में सक्रिय हैं। उनकी सक्रियता के साथ ही वे युवा वर्ग में काफी लोकप्रिय हैं। वार्ड चुनाव में कांग्रेस व भाजपा के घोषित प्रत्याशियों पर विवेक मिश्रा भारी पड़ेंगे।