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प्रदेश की सबसे विशाल मस्जिद राजनांदगांव में, सेंट्रल वक्फ बोर्ड से लोन लेकर बन रहे हैं फ्लैट्स, रिजवी ने कमेटियों के कामकाज को बताया मिसाल    

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राजनांदगांव के गोलबाजार इलाके में मुस्लिम समुदाय ने लगभग ढाई करोड़ की लागत से भव्य मस्जिद का निर्माण कराया है। इसके लिए शहर की मुस्लिम जमात से सहयोग लिया गया। सुन्नी हन्फी मस्जिद में ऊपर विशालकाय हॉल का निर्माण भी कराया गया है। मस्जिद में लिखी आयतों पर सोने की परत चढ़ाई गई है। मस्जिद की मीनार को आकर्षक रूप दिया गया है। सुन्नी हन्फी मस्जिद कमेटी ने सेंट्रल वक्फ सोसाइटी से लगभग दो करोड़ रूपए का ऋण लेकर अपने स्वामित्व की जमीन पर फ्लैट्स का निर्माण शुरू कर दिया है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलाम रिजवी ने जिले में वक्फ संपत्तियों की जानकारी लेने के बाद राजनांदगांव जिले में वक्फ संपत्तियों के रखरखाव और प्रबंधन की जमकर तारीफ की।

सुन्नी हन्फी मस्जिद कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा एक और शॉपिंग कॉम्पलेक्स बनाने की तैयारी चल रही है। कमेटी के दो और कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स से लाखों रुपए की आय हो रही है। इससे यहां की व्यवस्था और निर्माण कार्य में मदद मिल रही है। प्रदेश की सबसे बड़ी मस्जिद का संचालन बेहतर तरीके से होने और अन्य निर्माण कार्य जारी रहने पर रिजवी ने कहा कि दूसरे जिले की कमेटियों को यहां से प्रेरणा लेकर वक्फ संपत्तियों का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए। ताकि समाज को फायदा मिल सके।
राजनांदगांव प्रवास के दौरान जामा मस्जिद पठान पारा में कमेटी और जमातियों ने रिजवी का इस्तकबाल किया। कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि मस्जिद के पास वक्फ के मकान जर्जर स्थिति में है। उनका निर्माण नए सिरे से किया जाना है। निर्माण कार्यों पर लगभग दो करोड़ रूपए खर्च होंगे। रिजवी ने जमात से कहा कि वक्फ सर्वे का कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा और वक्फ बोर्ड द्वारा हर संभव मदद की जाएगी।

उन्होंने मस्जिद की वक्फ संपत्तियों का स्थल निरीक्षण किया। मस्जिद की वक्फ की खाली पड़ी जमीन का निर्माण के लिए प्रोजेक्ट तैयार कर वक्फ बोर्ड में प्रस्तुत करने कहा। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्ति होने के कारण इसे न तो बेचा जा सकता है और न ही प्राइवेट सेक्टर से कार्य कराया जा सकता है। ऐसी स्थिति में वक्फ की खाली पड़ी भूमि, जर्जर स्थिति की संपत्ति का पीपीपी मोड पर निर्माण कार्य करवाने पर भी विचार किया जाएगा। इस दौरान राज्य वक्फ बोर्ड के इकबाल अहमद, जावेद अख्तर, अब्दुल रहीम, मोहम्मद तारिक अशरफी सहित शहर की मस्जिदों के इमाम, मुतवल्ली, कमेटियों के मेंबर, शहर के गणमान्य नागरिक, विभिन्न सामाजिक संस्थाआंे के सदस्य उपस्थित थे।

राजनांदगांव जिले ने मिसाल कायम की

रिजवी ने राजनांदगांव जिले की वक्फ संपत्तियों की जानकारी लेने के बाद कहा कि वक्फ संपत्तियों के बेहतर इस्तेमाल के मामले में जिले के मुस्लिम सामुदाय ने एक मिसाल कायम की है। यहां की मुस्लिम कमेटियों ने मस्जिद और शॉपिंग कॉम्लेक्स ही नहीं बल्कि आवासीय परिसर का भी निर्माण शुरू कर दिया है। सबसे पहले रिजवी ने पारीनाला स्थित हजरत जलालुद्दीन शाह की दरगाह पहंुचकर दरगाह कमेटी के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। कमेटी के पदाधिकारियों से मदरसे के बच्चों को दीन की तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने कहा। राज्य शासन से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। कमेटी के सदस्यों ने बताया कि राजनांदगांव में सबसे बड़ा शॉपिंग कॉम्पलेक्स यहां के सुन्नत वल जमात कब्रिस्तान का है। यहां कमेटी ने परिसर में 58 दुकानों को निर्माण कराया है। रिजवी ने कब्रिस्तान परिसर के अलावा शॉंिपंग कॉम्पलेक्स, वजू खाना और भूतल में बने एयर कूल्ड मस्जिद का अवलोकन किया। कमेटी के सदस्यों ने बताया कि यहां तमाम निर्माण कार्य समाज के लोगों से चंदा एकत्र कर किया गया है। दुकानों से होने वाली लाखांे की आय से ही यहां दूसरे निर्माण कार्य कराए जाएंगे। भूतल में स्कूल खोलने की योजना है। उन्होंने कब्रिस्तान कमेटी द्वारा कराए गए सभी कार्याें की समीक्षा करते हुए पदाधिकारियों की सराहना की। रिजवी ने कहा कि पूरे प्रदेश में वक्फ की खाली पड़ी जमीनों पर इसी प्रकार निर्माण किए जाएं, ताकि वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा, व्यवस्था के साथ विकास का लाभ समाज को मिले।